प्रतापपुर मुनादी ।।
अन्य प्रान्त से प्रवासी मजदूरों का अपने घरों तक जाना रुका नहीं है। आज भी मध्यप्रदेश के अनूपपुर से ईट भट्ठे में काम करने वाले 10 मजदूर 8 दिनों तक पैदल चलकर प्रतापपुर पहुंचे। यहां से वे छत्तीसगढ़-उत्तरप्रदेश की सीमा पर बसे अपने गांव के लिए निकले है।
उत्तरप्रदेश आसनडीह के रहने वाले 10 मजदूर मध्यप्रदेश के अनूपपुर में एक इटभट्ठे में काम करते थे। इनमें दयाशंकर, रामप्यारे, संजय कुमार, राजेश कुमार व रमाशंकर सहित अन्य पांच लोग कोरोना संक्रमण के दौरान हुए पहले लॉक डाउन में वहीं फंस गए। इस दौरान ईंट भट्ठे के संचालक ने उन्हें 14 अप्रैल तक उनके रहने खाने की व्यवस्था की, परंतु इसी दौरान अचानक 3 मई तक हुए दूसरे लॉकडाउन पर ईंट भट्ठे के संचालक ने अपनी असमर्थता व्यक्त करते हुए उन्हें जाने के लिए बोल दिया। मजदूरों ने बताया कि उनके मालिक ने उन्हें पांच-पांच सौ रुपये भी दिए। मालिक की असमर्थता देखते हुए सभी 10 मजदूर अनूपपुर से पैदल ही अपने गांव की ओर निकल गए। उनके अनुसार वे पिछले आठ दिनों से लगातार पैदल चल रहे है। इस दौरान बीच के कई गांव के लोगों ने उनकी भोजन में सहायता भी की। आज वे लगभग 250 किमी का फासला तय करते हुए प्रतापपुर पहुंचे है। उन्होनें बताया कि वे छत्तीसगढ़-उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती गांव आसनडीह के रहने वाले है, जो अब क़ाफी करीब लगभग 70 किमी दूर है। सभी मजदूर यहां से अपने गांव की और पैदल ही निकल गए है।

