सच की मुनादी।।
वैश्विक बीमारी कोरोना से लड़ने सभी जनप्रतिनिधि अपने फण्ड और दूसरे मद से भी सरकार को coronavirus से लड़ने के लिए पैसा और सामग्री मुहैया करवा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन और सरकार को भी इस कठिन दौर में कुछ राहत मिल रही है। लेकिन यदि कोई विधायक अपना फण्ड जारी करने के बाद वापस मांगने लगे तो उसे आप क्या कहेंगे ?
ऐसा हुआ है। उत्तरप्रदेश के हरदोई जिले के गोपामउ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने कोरोना से लड़ने के लिए हरदोई जिला प्रशासन को अपने फण्ड में से 25 लाख दिए थे लेकिन अब उनका कहना है कि जिला प्रशासन उनके माध में वह फण्ड वापस करे। उनका आरोप है कि प्रशासन उनले फण्ड का सदुपयोग नहीं कर रही है। अब जिलाप्रशासन उहापोह में है कि वे उनके फण्ड की राशि को कैसे वापस कर जबकि उसमें से 60 प्रतिशत स्वास्थ विभाग को अलॉट किया जा चुका है।
विधायक ने इस संबंध में न केवल जिला प्रशासन को पत्र लिखकर फण्ड वापसी की मांग की है बल्कि उन्होंने मीडिया में भी पत्र जारी करते हुए आरोप लगाया है कि प्रशासन को जिस काम के लिए उन्होंने फण्ड जारी किया था वह काम तो प्रशासन कर ही नहीं पा रही है। उल्टा प्रशासन उनके फण्ड के खर्च का हिसाब भी उन्हें नहीं दे रही है। ऐसे में उनका पैसा वापस लेने के अलावा उनके पास और कोई चारा नहीं है।

