प्रतापपुर मुनादी ।।
प्रतापपुर के जजावल राहत शिविर में आश्रय दिए गए 97 मजदूरों में से एक मजदूर का टेस्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद हरकत में आये जिला प्रशासन द्वारा कल देर रात रेपिड टेस्ट के माध्यम से 9 अन्य व्यक्ति के पॉजिटिव आने के बाद देर रात में ही उन्हें एम्स रायपुर के लिए भेज दिया गया है। इधर प्रशासन ने जजावल में शेष सामान्य मजदूरों को अभी आश्रय दिया हुआ है। जजावल को पूरी तरह सील करने के बाद दोनों छात्रावास को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
कोरोना संक्रमण से नए हॉटस्पॉट बन रहे जजावल क्षेत्र में कल देर रात तक रेपिड टेस्ट किट से छात्रावास में ठहराए गए सभी 97 मजदूर सहित यहां डयूटी में तैनात पुलिस बल के जवान, सचिव, होस्टल अधीक्षक, खाना बनाने वाले कर्मचारी सहित छात्रावास में आने-जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी सहित लगभग 160 से ऊपर लोगों की जांच की गई। जिसमें पुलिस कांस्टेबल सहित अन्य तीन कर्मचारी व 6 मजदूर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि सभी टेस्ट रेपिड टेस्ट किट से किये गए है इसलिए इनके रिजल्ट को पुख्ता न मानते हुए जिला प्रशासन सभी 10 संभावित संक्रमित लोगों को देर रात यहां से रायपुर के लिए रवाना कर दिया है। इस दौरान पूरी जांच के समय जिला कलेक्टर दीपक सोनी, पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी यहां मौजूद रहे। उन्होंने लगातार वहां मौजूद लोगों को हौसला दिया कि यह परिणाम संभावित है, इसलिए इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार सभी संभावित 10 लोगों को देर रात एम्स रायपुर के लिए रवाना कर दिया गया है। आज सुबह से ही दोनों छात्रावास को पुलिस बल की मौजूदगी के साथ पूरी तरह से सील कर दिया गया है। अभी यहां पर टेस्ट में निगेटिव आये 91 मजदूर सहित अन्य कर्मचारी को सुरक्षित ढंग से रखा गया है। पूरे जजावल गांव में भी पुलिस फ़ोर्स की तैनाती कर दी गई है और गांव की सीमा को सील कर दिया गया है।

