जशपुर मुनादी।।सड़क को लेकर जिले में एक बार फिर से सियासी उबाल आ सकता है।खबर है कि जिले के कुनकुरी से उड़ीसा की सीमा से लगे लावाकेरा तक बन रही बहुप्रतीक्षित सड़क का काम रुक गया है।इस सड़क को बना रही बर्बरीक कंस्ट्रक्शन कम्पनी को शासन ने टर्मिनेट कर दिया है ।
कहा जा रहा है कि अक्टूबर माह में ही कार्यादेश मिलने के बावजूद अगस्त माह तक काम मे कोई खास प्रगति नहीं होने के चलते 4 अगस्त को ही शासन ने इस कनष्ट्रक्शन कम्पनी को टर्मिनेट कर दिया है । टर्मिनेशन के बाद की शासकीय प्रक्रिया जब तक पूरी नहीं हो जाएगी यहां दुबारा काम शुरू नहीं होगा।लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कंस्ट्रक्शन कम्पनी एक निश्चित समय सीमा में सड़क बनाने का शपथ पत्र शासन को सौंपेगी इसके बाद शासन कम्पनी के टर्मिनेशन को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार करेगा ।याने इन प्रक्रियाओं को पूरे होने में महीनों लगने वाले हैं और फिलहाल काम चालू होने से रहा ।
सड़क का काम रुकने के पीछे शासकीय या तकनीकी दिक्कतें जो भी हों लेकिन जिस तरह से विपक्ष बीते वर्ष से लगातार सड़को के लिए राजनीति करता आ रहा है उस हिसाब से अब इस पर भी सियासत गरमा सकत्ती है और कुनकुरी विधायक यू डी मिंज एक बार फिर से भाजपा की रडार में आ सकते हैं।
यह सर्वविदित है कि भाजपा बीते कुछ माह से दमेरा सड़क को लेकर विधायक युडी मिंज के खिलाफ एकबारगी हमलावर हो गयी थी ।दमेरा का काम बंद होने का पूरा ठीकरा भाजपा विधायक के सिर पर फोड़ता रहा है। भाजपा का सीधा आरोप है कि दमेरा रोड स्व कुमार दिलीप सिंह जूदेव का सपना था जिसे कांग्रेस विधायक पूरा नहीं होने देना चाहते और इनके तिकड़म के चलते यहां का काम रुक गया ।भाजपा ने यहां तक आरोप लगा दिए कि दमेरा रोड के ठेकेदार के द्वारा विधायक को कमीशन नहीं दिया गया जिससे नाराज होकर विधायक ने ऐसा अड़चन पैदा किया कि यहाँ का काम ही रुक गया ।
इसी तरह कुनकुरी लावाकेरा उड़ीसा हाइवे को लेकर भी राजनीति होती रही है। वर्षो से खराब और जर्जर पड़ी इस सड़क के लिए कई बार आंदोलन हुए ,कई बार लोगो ने चक्का जाम भी किया ।इस क्रम में खराब सड़क के लिए भाजपा विधायक युडी मिंज को जिम्मेदार मानती रही । आंदोलन के बाद शासन द्वारा इस सड़क को नए सिरे से बनाने की स्वीकृति दे दी गयी और अक्टूबर माह में कार्यादेश मिलने के बाद विधायक युडी मिंज के द्वारा बड़े ही धूम धाम और गाजा बाजा के साथ नवम्बर माह में इस सड़क का भूमिपूजन किया गया।भूमिपूजन के 3 माह तक काम की शुरुआत ही नहीं हुई ।जनवरी माह के आखिरी दिनों में काम शुरू हुआ लेकिन काम की गति कुछ ऐसी थी कि 5 माह में सड़क पर केवल मिट्टी बिछाने का ही ठीक से काम हो पाया । और काम आगे बढ़ता इससे पहले बरसात आ गयी और बरसात के चलते काम रुक गया ।बरसात का पानी शुरू होते ही जिस सड़क को खोदकर मिट्टी से समतल किया गया था वहां बड़े बड़े गड्ढे हो गए ।कई बार मीडिया में इसको लेकर खबरें दिखाई गई ।गड्ढों को लेकर यहाँ होने वाली सड़क दुर्घटनाओं की तस्वीरें भी सामने आई इसके बाद शासन ने कनष्ट्रक्शन कम्पनी को टर्मिनेट कर दिया लेकिन भाजपा इन टेक्निकल कारणों पर फोकस करने के बजाय विपक्ष का धर्म निभाने पर आतुर है। भाजपा इस तकनीकी कारणों पर राजनीति की रोटी सेंकने तैयार बैठी हुई है और दमेरा रोड के तर्ज पर इस सड़क के लिए भी सियासत करने की रणनीति तैयार कर रही है। फिलहाल इसको लेकर भाजपा की ओर से अबतक कोई अधिकृत बयान नहीं आये हैं जिसके चलते यह पता नहीं लग पाया है कि इस बार इनका मेन फोकस क्या होगा ।क्या बोलकर कांग्रेस को घेरेंगे ?
हांलाकि विधायक युडी मिंज की साफ राय है कि उन्हें सियासत से कोई वास्ता नहीं है वास्ता काम की गुणवत्ता से है ।जिन्हें सियासत करनी है वो सियासत करते रहे लेकिन हम काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं करेंगे ।समझौते का ही नतीजा है कि जिले का नेशनल हाईवे वर्षो से दुर्दशा के दौर से गुजर रहा है।पूर्ववर्ती सरकार में बनी सड़के पूरी तरह जर्जर हो गयी है ।हम नहीं चाहते कि सरकार के पैसों का कोई रत्ति भर भी दुरुपयोग करे।