जशपुर मुनादी।। जब नेता ठेकेदार बन जाये, और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से जान छुड़ाकर भाग जाए, तो समझिये कि यहां आम लोगो का जीना कैसा दुस्वार हो गया होगा।
जब इस नेक्सस का सबब सीधे आम लोगों के मूलभूत सुविधाओं पर पड़ जाए, तो लोग कहेंगे, हाय ये कैसी नगर सरकार है, जिसमे जीना ही दुस्वार है।
हम आपको नगर पंचायत बगीचा की उस बेरुखी की कहानी आज बताने जा रहे हैं, जो आम आदमी को बून्द बून्द पानी को तरसा रहा है, एक तो चिचिलाती गर्मी और पानी के लिए लोगों का भटकना, यह बताने के लिए काफी है कि, नेता ठेकेदार बने हुए हैं, और नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी बेपरवाह।
और हम ऐसा इसलिए कह रहे कि ये बात हालात कह रहे हैं, जहां नगर पंचायत बगीचा के वार्ड क्रमांक 6 में जहां तीन साल पहले एक नाली की स्वीकृति हुई, टेंडर हुआ, ठेकेदार तय हुए, पर काम नही हुआ!
अब अच्चानक 2 महीने पहले ठेकेदार को ख्याल आया कि नाली बनाना है, फिर क्या था, ठेकेदार साहब ने जेसीबी लगाई, नाली खोदना शुरू किया, चपेट में आये सारे पाइप लाइन भी उखाड़ कर फेंक दिया, अब ठेकेदार साहब जेसीबी से गड्ढा खोद, और पाइप लाइन उखाड़ दो महीने से गायब हो गए हैं, पाइप लाइन तोड़े जाने से उधर वार्डवासी बून्द बून्द पानी के लिए दो महीने से संघर्षरत हैं, लोग नगर पंचायत में गुहार लगाकर थक गए कि साहब हमारी पाइप लाइन तो ठीक करवा दो, पर लोगों कि न तो अधिकारी सुन रहा है, न इंजीनियर! पाइप लाइन उखाड़कर ठेकेदार साहब भी गायब हैं, और जल आपूर्ति हो गई यहां बाधित।
लोग परेशान हैं, एक लोटा पानी के लिए, टँकी से आने वाली पानी नाली के गड्ढे में स्टोर हो रहा, चिलचिलाती धूप है सो अलग और ऊपर से ग़ैरजिम्मेदारों की वजह दो महीने से पानी की भी मारामारी।
अब जिले में बैठकर अधिकारी सरकार को तो रोज ओके रिपोर्ट भेज तो रहे हैं, पर वो धरातल में फसाने से ज्यादा कुछ भी नही, जहां हकीकत का कोई वास्ता ही नहीं! बात यह भी कि हाल ऐसा है तो बेहाल किसको कहेंगे, रोज निर्देश भी हैं, आदेश भी, पर पालन कौन करे और कौन आम लोगों को राहत ही दे!
इस मामले में जब हमने नगर पञ्चायत के सीएमओ क्षितिज सिंह से बात कि तो उन्होंने मुनादी को बताया कि ठेकेदार को दो नोटिस दिया जा चुका है, तीसरा नोटिस भेजी जा रही है जिसके बाद टेंडर निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी, वहीं पानी के लिये टैंकर से आपूर्ति की जा रही है, पर यह भी है साहब ये सिर्फ दावे ही हैं या हकीकत से भी कोई वास्ता। पर लोगों के हाल से ऐसा कुछ होता तो नही दिखता।