सक्ति मुनादी।। सक्ति स्थित वेदांता के थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे के बाद पुलिस ने कंपनी के चेयरमैन Anil Agarwal सहित 11 अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि इस कार्रवाई के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—प्लांट के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालने वाली कंपनी NTPC GE Power Services Limited (NGSL) पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
पाइप फटने से हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा पावर प्लांट के बॉयलर में जाने वाली उच्च दबाव (हाई प्रेशर) पाइपलाइन के फटने से हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं आमतौर पर मेंटेनेंस, निरीक्षण या प्रेशर कंट्रोल सिस्टम में कमी के कारण होती हैं।
मेंटेनेंस की जिम्मेदारी पर सवाल
गौरतलब है कि प्लांट के संचालन एवं रखरखाव (Operation & Maintenance) का कार्य NTPC GE Power Services Limited को सौंपा गया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पाइपलाइन में तकनीकी खामी या समय पर निरीक्षण नहीं होने के कारण हादसा हुआ, तो O&M कंपनी की भूमिका की जांच क्यों नहीं की जा रही।
स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि केवल मालिक कंपनी पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है।
> “जो कंपनी प्लांट चला रही है और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही है, उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए,”
एकतरफा कार्रवाई के आरोप
इस बीच उद्योगपति Naveen Jindal और Kiran Bedi ने वेदांता प्रबंधन के खिलाफ दर्ज FIR पर सवाल उठाते हुए इसे “एकतरफा कार्रवाई” बताया है। उनका कहना है कि बिना पूरी तकनीकी जांच के केवल शीर्ष प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर सभी संबंधित पक्षों की भूमिका तय की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि जांच के दायरे में अन्य कंपनियां और अधिकारी भी आ सकते हैं।
सुरक्षा मानकों पर फिर बहस
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों, नियमित निरीक्षण और जवाबदेही की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हादसों में मल्टी-लेयर जिम्मेदारी तय करना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।