जशपुर मुनादी।। धर्मांतरित आदिवासियों को आरक्षण से बाहर किये जाने की मांग को लेकर जनजातीय समुदाय द्वारा उठाये गए डीलिस्टिंग के मुद्दे पर मूख्यमंत्री भुपेश बघेल का बड़ा बयान सामने आया है।
भेंट मुलाकात कार्यक्रम के बाद रविवार को कुनकुरी में आयोजित मूख्यमंत्री की प्रेस वार्ता में जब मूख्यमंत्री से डीलिस्टिंग के मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सवाल यह है भी है कि इस मुद्दे को उठाने वाले कौन हैं ?जो संगठन इस इस मुद्दे को हवा दे रहे है दरअसल वो भाजपा के अनुसांगिक संगठन है इसी से समझ आ जाता है कि वे क्या चाहते है।उन्होंने कहा कि यह संविधान में संशोधन का मामला है और संविधान में संसोधन राज्य की सरकार नहीं करती बल्कि भारत सरकार करती है तो इन्हें केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाना चहिये ।यहाँ ऐसे मुद्दों को उठाने का इनका मकसद अशांति और द्वेष फैलाना है। उन्होने कहा कि भाजपा के लोगो को अगर इस मुद्दे का निराकरण चाहिए तो वे केंद्र सरकार से इसकी मांग करें यहाँ शांति और शौहार्द न बिगाड़ें ।
आपको बता दें कि बीते दिनों जनजातीय सुरक्षा मंच के तत्त्वाधान में डीलिस्टिंग मुद्दे को लेकर जनजातीय सुरक्षा मंच के द्वारा जनजातीय समुदाय की एक बड़ी रैली निकाली गई थी इसके बाद अगले ही दिन ईसाई समाज के द्वारा भी जिला मुख्यालय में बड़ी रैली का आयोजन हुआ था ।