जशपुर मुनादी।। जिले में पदस्थ नए मुख्यकार्यपालन अधिकारी आईएएस जितेंद्र यादव ने बगीचा जनपद अंतर्गत पदस्थ सचिवों के साथ ही वन विभाग के नोडल अधिकारी और कर्मचारियों की आज बैठक रखी तो आलम यह था कि आईएएस कुछ खफा ख़फा से दिखे, और आइएएस ने यह बैठक बुलवाई थी जनपद के सभाकक्ष में।
खफा इसलिये भी छत्तीसगढ़ सरकार के महत्वाकांक्षि योजना गौठान और गोधन न्याय योजना को लेकर लापरवाहियों को लेकर थी, दरअसल पंचायत तो अपना काम इन सब को लेकर जिम्मेदारियों से करते दिख रहे हैं, तो वन विभाग का योजना के प्रति उदासीन रवैया आईएएस जितेंद्र यादव को कुछ खफा खफा सा करता दिखा।
उनकी समीक्षा में ये बातें सामने आई कि वन विभाग द्वारा बनाये गए गौठान में नाडेफ और वर्मी कम्पोस्ट पिट ता तो बने नही हैं या अधूरे पड़े हैं, जिससे पंच्यातों को गोबर खरीदने में खासी दिक्कत महसूस कर रहे हैं। यह बताना भी आवश्यक होगा कि बगीचा ब्लॉक में 45 से ऊपर गौठान वन विभाग के द्वारा बनाये जा रहे हैं। वहीं इन सबके बीच फील्ड का सतत विजिट, मोनिटरिंग एवं योजना के प्रति संजीदगी तीनो की आवश्यकता एवं गांव के धरातल पर योजना के क्रियान्वयन पर आईएएस का जोर था।
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वहीं इन सबको लेकर आईएसएस जितेंद्र यादव ने दो टूक बैठक में यह भी कह दिया कि "काम कीजिये नही तो कार्यवाही तो होगी! लापरवाहीयों के लिए अवसर नहीं, काम चाहिए काम!" फिलहाल आईएएस के निर्देशों के बीच दो टूक को लेकर पंचायत से लेकर वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।