जशपुर मुनादी।। राविवार सुबह एक साल की बच्ची की चेचक से हुई मौत के मामले का जायजा लेने के बाद स्वास्थ विभाग का कहना है कि बच्ची की मौत न तो चिकन पॉक्स से हुई है न स्माल पॉक्स से न ही उसमें मंकी पॉक्स के कोई लक्षण थे बल्कि उसकी मौत बरसाती फोड़ा फुंसी से हो गयी ।
बगीचा बीएमओ सीआर भगत ने मुनादी डॉट कॉम को फोन पर बताया कि जिस बच्ची की मौत का कारण ग्रामीणों के दारा चेचक बीमारी बताया जा रहा था वो भ्रामक है।बच्ची को चेचक नहीं हुआ था बल्कि वह बरसाती फोड़ा फुंसी से ग्रस्त थी ।समय पर ईलाज नहीं हुआ और सरकारी अस्पताल में ईलाज नहीं करवाकर बच्ची के परिजन इधर उधर ईलाज करवाते रहे जिसके चलते घाव बढ़ता गया और बच्ची की मौत हो गयी।उन्होंने बताया कि गाँव मे अन्य तीन लोग भी ऐसे ही फोड़ा फुंसी से ग्रस्त है जिन्हें कल सन्ना अस्पताल बुलाया गया है ताकि उनका समुचित ईलाज हो सके ।ग्रामीणों को सुझाव दिया गया है कि इस तरह की बीमारी होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल जाकर ईलाज कराएं।
गौरतलब है कि शनिवार को बग़ीचा के हर्रा पाठ में एक 4 साल की बच्ची की मौत हो गयी ।ग्रामीणों और परिजनों के मुताबिक बच्ची के शरीर मे चेचक जैसी बीमारी के लक्षण देखे गए थे ।बच्ची एक महीने से इस बीमारी से ग्रस्त थी सन्ना और कुसमी में उसने बच्ची का ईलाज भी कराया लेकिन शनिवार तक बच्ची की मौत हो गईं। गाँव के सरपँच ने बताया था कि गाव के अन्य लोगो मे भी इसी तरह के बीमारी के लक्षण पाए गए है ।
इस खबर के सामने आने के बाद मुनादी डॉट कॉम ने इस खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया था ।खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमएचओ के निर्देश पर बीएमओ बगीचा सीआर भगत अपनी टीम लेकर राविवार को हर्रा डिपा गाँव पहुंचे और मृतक बच्ची के परिजनों से पूछ ताछ करने के बाद मुनादी को बताया कि मृत बच्ची को चेचक नहीं था और न ही जो अन्य लोग बीमारी से पीड़ित है उंन्हे चेचक है।सबको बरसाती फोड़ा फुंसी हुआ है।
चार साल की बच्ची की संदिग्ध बीमारी से मौत के बाद हड़कंप, चेचक होने की बात आई सामने, लेकिन BMO ने कहा
यह बताना जरूरी है कि इन दिनों दुनिया के 70 देश मंकी पॉक्स जैसी बीमारी के चपेट में है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बीमारी को लेकर एलर्ट जारी कर दिया है। देश मे भी इस बीमारी की दस्तक हो चुकी है ।केरल में 3 लोगो मे मंकी पॉक्स के लक्षण पाए गए है।मंकी पॉक्स का जिक्र करना यहाँ इसलिए जरूरी है कि इस बीमारी के लक्षण चेचक से मिलते जुलते है। मंकी पॉक्स को बच्चो के लिए घातक बताया जा रहा है ।