जशपुर मुनादी।। 4 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर सेना में भर्ती किये जाने को लेकर सोशल मीडिया में सवाल पर सवाल उठ रहेहै।सोशल मीडिया क्या ग्राउंड लेबल पर भी इस बात पर बहस शुरू हो गई है ।देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तो केंद्र सरकार की इस प्लानिग को लेकर सवालों के बौछार करने शुरु कर दिये । काँग्रेस के युवा नेता विनयशील ने अग्निवीर भर्ती को लेकर सरकार के सामने सवालों की झड़ी लगा दी है और पूछा है कि युवा भारत माता की सेवा करने के लिए सेना जॉइन करते हैं ऐसे में ठेके पर सैनिक भर्ती करके उनकी सेवा का मजाक क्यों बनाया जा रहा है? इसको लेकर विनयशील ने 5 सवाल पूछे है और कहा है कि ये देश की सुरक्षा और सेना के सम्मान से जुड़े हुए सवाल है सरकार को इसका जवाब देना चाहिए ।
अग्निवीर भर्ती पर विनयशील के 5 सवाल -
सेना में 4 साल के लिए "ठेके पर सैनिक भर्ती" की योजना की मांग न तो संसद की डिफेंस कमेटी से आई है न ही तीनों सेना के जरिए, तो किसके कहने पर यह नीति बनाई गयी है ?
जल थल और वायु सेना में जो नियमित 225000 सैनिकों के पद खाली हैं उनको भर्ती बन्द क्यों कर दी गयी है ?
सेना में बॉर्डर पर स्पेशलाइज सर्विसेज की जरूरत होती है उस पर ध्यान देने के लिए नियमित सैनिकों की भर्ती Mई जरूरत है उसे छोड़कर ठेके पर सैनिक भर्ती योजना क्यों?
सैनिकों को सैलरी के साथ पेंशन कैंटीन और भत्ते की सविधा मिलती है क्या इन सुविधाओं को क्रमिक रूप से ख़त्म करने के लिए ठेके पर सैनिक भर्ती की योजना लाई गयी है?
अग्निवीर यानी ठेके पर सैनिक योजना के तहत एक सौनिक की सैलरी 30 हजार रखी है। सैनिकों की गरिमा चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी में बराबर करने के पीछे का उद्देश्य क्या है?
केंद्र की मोदी जी की सरकार को इसका जवाब देना चाहिए और इस नीति को लागू करने से पहले डेज़ह की संसद में इसपर चर्चा की जानी चाहिए। जिस तरह बीते 70 साल में सेना को राजनीति से दूर रखा है उसकी स्वायत्ता बनी रहनी चाहिए ।