जशपुर मुनादी।। सौम्य, सरल और काफी सहज व्यक्तित्व की पहचान रखने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को पहली बार काफी गुस्से में देखा गया। उनकी एक बोलती हुई तस्वीर देखकर शायद आप भी यकीन न करेंगे कि यह तस्वीर हर वक़्त मुस्कुराते रहने वाले विष्णुदेव साय की है । इस बोलती हुई तस्वीर में साय एक अधिकारी को फोन और जमकर फटकार लगाते हुए देखे सुने जा रहे हैं।
दरअसल 3 दिन पहले कुनकुरी विधानसभा के सराइटोला चौक पर वर्षो से स्थापित पुरवर्ती भाजपा सरकार में निर्मित अटल चौक को सरकारी एजेंसी क्रेडा के द्वारा तोड़कर तहस नहस कर दिया गया था। मुनादी डॉट कॉम ने इस खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित और प्रसारित किया।मुनादी डॉट कॉम की खबर पढ़कर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष साय भाजपा नेताओं की पूरी फौज लेकर सराइटोला चौक पहुँच गए और पहुंचते ही वह फार्म में आ गए ।जैसा कि हम पहले ही बता चुके थे कि क्रेडा के द्वारा गाँव के चौक पर हाई मास्क लाईट लगवाए जाने का काम किया जा रहा है और चौक के बीचों बीच हाईमास्क लाईट लगाने के क्रम में अटल चौक को तोड़ दिया गया।
साय और मौके पर पहुंचे जिले के दिग्गज नेताओं को भी ग्रामीणों ने यही जानकारी दी ।फिर क्या था विष्णुदेव साय अपने गुस्से को रोक नहीं पाए और और सीधे क्रेडा के अधिकारियों को फोन लगा दिया ।
उन्होंने फोन पर कहा-अटल जी छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता हैं पूर्व प्रधानमंत्री और भारतरत्न हैं। हमारे दिलों में बसते हैं। तत्कालीन भाजपा की सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में हर गांव में अटल चौक बनवाया गया था, ये एक गांव का विषय नहीं है देस भर के पार्टी कार्यकर्ताओं की आस्था का विषय है किससे पूछ के आप ये चौक तोड़े, आपको हाई मास्क लाइट लगवाना ही तो किसी और जगह लगवा लेते, जिस जगह हमारे अटल जी का चौक था उसी जगह अटल चौक बनना चाहिए और पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे अच्छा और सुंदर चौक बनना चाहिए, अन्यथा अंजाम भुगतने को तैयार रहें।
साय के इस तेवर से खुद इनके नेता अचंभित थे ।उंन्हे पहली बार इस रूप में देखकर ग्रामीण में नहीं समझ पाए।
दरअसल प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के दूसरे ही दिन उन्होंने एलान कर दिया था कि अब वह अब सारा दिन जशपुर को देंगे ।जहाँ की जमीन से उठकर सियासत का उतना बड़ा मुकाम मिला अब उस जमीन की मिट्टी का कर्ज अदा करेंगे । हांलाकि चर्चा यह है कि पार्टी की ओर से इन्हें चुनाव की तैयारी करने की हरी झंडी दे दी गयी है और वह जिले के सबसे सेफ सीट कुनकुरी से चुनाव लड़ सकते हैं क्योंकि भाजपा इस बार छग में आदिवासी कार्ड खेल सकत्ती है ।आदिवासी मूख्यमंत्री के रूप में इनका चेहरा सामने आ सकता है । सूत्र यहां तक बताते हैं कि इसी रणनीति के तहत पार्टी ने इनसे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी वापस ली है ।