जशपुर मुनादी ।। मेडिकल डिपार्टमेंट इन दिनों राजनीति के रडार में है। दुलदुला अस्पताल का मामला हो या 12करोड़ के घोटाले में शामिल डॉक्टरों की बहाली का मामला दोनो मामलों को लेकर विपक्ष भौहें तान कर खड़ा हो गया है ।उपर से पत्थल गाँव अस्पताल में मंगलवार की रात हूई मारपीट का मामला जले पर नमक का कर गया ।इस मामले हांलाकि आगे कुछ होता नहीं दिख रहा है लेकिन अस्पताल के भीतर काँग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष के डॉक्टर पुत्र और वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह के नाती सूरज सिंह के बीच जो हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ वो भाजपा को मजा लेने के लिए पर्याप्त है।
बीते 25 मई को कुनकुरी विधायक युडी मिंज के कार्यकर्ताओं के द्वारा डॉक्टरों से की गई मारपीट के मामले में जहाँ डॉक्टरों ने एकबारगी मोर्चा खोल दिया है और एक दिन का सामूहिक छुट्टी लेकर आंदोलन का आगाज कर दिया है वही भाजपा भी डॉक्टरों का समर्थन करके जली हुई आग को भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है ।वही मंगलवार की रात पत्थल गाँव अस्पताल में दूसरी घटना घट गई। इस बार मामला वरिष्ठ विधायक रामपुकार सिंह और काँग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन अग्रवाल के बेटे डॉ विकास अग्रवाल से जुड़ा हुआ है। दोनो अस्पताल के भीतर ही किसी बात पर भीड़ गए और मारपीट झूमाझटकी और यहाँ तक की थांना पूलिस तक की नौबत आ गई ।बताया जाता है कि इस घटना के थोड़ी ही देर बाद पत्थल गाँव थाने में जमघट लग गया ।पवन अग्रवाल और विधायक रामपुकार के लोग थोड़ी ही देर में थाने में जमा हो गए ।हांलाकि सूत्र बता रहे हैं कि आपसी सुलह के बाद मामला थाने में लिखा पढ़ी से पहले ही सलट गया लेकिन सोशल मीडिया में इस खबर के सामने आने के बाद भाजपा विग्रेड भला मजा लेने से कहा चुकने वाली ।इस मुद्दे को लेकर भी भाजपा के लोग सोशल मीडिया में कई तरह की प्रतिक्रियाएं जाहिर करने में जुट गए है।
एक सप्ताह के भीतर जिले के दो सरकारी अस्पतालों में जिले के दो अलग अलग विधायको के करीबियों के चलते उठने वाले विवाद को भाजपा आईटी सेल सियासी गुंडागर्दी से जोड़कर देख रही है और यह बताने में लग गयी है कि ज़िले में सत्ता के लोग प्रशासन पर हाबी हो गए हैं जिसके चलते जिले की स्वास्थ व्यवस्था चरमराती हूई दिख रही है ।व्यवस्था अगर नहीं भी चरमरा रही है तो राजनीतिक खींच तान के चलते सिस्टम का संतुलन जरूर बिगड़ गया है।
देखा जाय तो विपक्ष के रडार में में आने वाले इन तीनो मुद्दे ऐसे हैं जो आकस्मिक रूप से सामने आए लेकिन ये मुद्दे को भाजपा की राजनीति के लिए बरदान साबित हो रहे है ।माना जा रहा है कि शासन हो या काँग्रेस भाजपा को मुद्दे प्लेट में परोसकर दे रही हो।