डेस्क मुनादी।। महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के 38 विधायक आ गए हैं। इस मामले में अब एकनाथ शिंदे गुट वैधानिक रूप से अब शिव सेना से अलग होने की स्थिति में आ गया है। हालांकि एकनाथ शिंदे अपने साथ 44 विधायकों के साथ होने का दावा कर रहे हैं।
इधर महा विकास अघाड़ी के गठबंधन में शामिल एनसीपी और कांग्रेस सहित बाकी बचे शिवसेना को अभी भी उम्मीद है फ्लोर पर वे बहुमत साबित कर लेंगे। संजय राउत ने इस संबंध में मीडिया से कहा है कि 21 विधायक उनके संपर्क में हैं और फ्लोर टेस्ट में आने के बाद सब ठीक हो जाएगा। कोई भी विधायक सरकार के खिलाफ नहीं जाएगा। फिलहाल सत्ता की जंग के लिए रस्साकस्सी जारी है।
सोशल मीडिया में असम में बाढ़ के हालात और विधायकों को फाइव स्टार ट्रीटमेंट पर भी बहस चल रही है। कहा जा रहा है कि असम में बाढ़ से लोग परेशान हैं और वहां की सरकार विधायकों पर धन खर्च कर रही है। असम के गुवाहाटी के एक फाइव स्टार होटल में महाराष्ट्र के विधायकों को रुकवाया गया है और वहीं से सारी राजनीतिक गतिविधियां की जा रही है।
शिवसेना के बागी विधायक एक नाथ शिंदे ने गुवाहाटी के होटल से एक वीडियो जारी कर बताया कि उनके साथ के सभी विधायक एकजुट हैं। उन्होंने राज्यपाल और डिप्टी स्पीकर को भी चिट्ठी लिखकर अपने समर्थक विधायको की लिस्ट भेजी है और खुद को सही शिवसेना बताकर चीफ व्हिप अधिकारी समेत कई पदों में बदलाव करने कहा है।
माना जा रहा है कि जल्द ही अब महाराष्ट्र के राजनीतिक पटल पर इस फ़िल्म का क्लाइमेक्स सामने आएगा। उसकी स्क्रीप्ट भी लिखी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि एकनाथ शिंदे से मिलकर भाजपा वहां अपना सरकार बना सकती है। हालांकि भाजपा के पहले कुछ प्रयास सफल नहीं हुए इसलिए वो फूंक-फूंककर कदम रख रही है। एकनाथ शिंदे लगातार भाजपा की भाषा भी बोल रहे हैं ऐसे में यह लगभग तय है कि एकनाथ शिंदे गुट भाजपा को सरकार बनाने में समर्थन दे। हालांकि यह तभी संभव है जब फ्लोर टेस्ट उद्धव सरकार गिर जाए और राज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने आमंत्रित करें।