डेस्क मुनादी।। जिस राज्य में शराब बंदी हो वहां शराब पीने से लोगों की मौत हो जाय तो राजनीति तो शुरू होगी ही, खासकर तब जब उस राज्य में निकट भविष्य में ही चुनाव होने वाले हों। गुजरात के कई शहरों में नकली शराब पीने से अबतक 23 लोगों की मरने की खबर है। हालांकि इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
गुजरात के अहमदाबाद, भावनगर सहित कुछ इलाकों से नकली शराब पीने से कम से कम 23 लोगों की मौत होने की खबर है। इसके अलावा करीब 40 लोग गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती भी कराए गए हैं। गुजरात वह राज्य है जहां शराबबंदी है। वहां शराब पीना या बेचना प्रतिबंधित है लेकिन यहां इस तरह की छूटपुट घटनाएं भी होती रहती है।
चूंकि इस राज्य में जल्द ही विधानसभा चुनाव होना है इसलिए इस घटना के बाद वहां का राजनीतिक पारा भी चढ़ा हुआ है। इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी आक्रामक है और इस पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज भावनगर के उस अस्पताल जाने वाले हैं जहां जहरीली शराब के कारण लोग भर्ती हुए हैं। अरविंद कई दिनों से लगातार गुजरात के दौरे पर हैं और आज उनके दौरे का अंतिम दिन है।
भावनगर रेंज आईजी ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है। अहमदाबाद में केमिकल का इस्तेमाल कर शराब बनाने वाले मुख्य आरोपी को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है मुख्य आरोपी ने पूछताछ में बताया कि शराब फैक्ट्री में मेथनॉल की आपूर्ति की जा रही थी। ये केमिकल अहमदाबाद से सीधे सप्लाई किया जाता था।
बोटाद, भावनगर और अहमदाबाद के अस्पतालों में जहरीली शराब से बीमार लोगों का इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।गुजरात में शराब की अवैध बिक्री पर 10 साल कैद और 5 लाख रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है। राज्य में 1960 से शराबबंदी लागू है और राज्य सरकार ने 2017 में इस कानून को और सख्त कर दिया था।