जशपुर मुनादी।। जिले के दौरे पर चल रहे सीएम भूपेश यहां की राजनीति को भांपकर घोषणाएं किये जा रहे हैं, वो ऐसा इसलिए हम कह रहे हैं कि यहां उन्होंने जिले के बगीचा में विशेष पिछड़ी जनजातियों के तृतीय और चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के रूप में 9623 शिक्षित युवक युवतियों को सीधे भर्ती से नियुक्त करने की घोषणा कर दी।
हालांकि यह पूरे प्रदेश भर के पिछड़ी जनजातियों का आंकड़ा है, जिन्हें नौकरी दी जा रही है। और यह सर्वे किया है आदिम जाति कल्याण विभाग ने, जो पिछले कुछ महीनों से प्रदेश भर से पिछड़ी जनजातियों के पढ़े लिखे युवाओ का सर्वे कर रही थी।
मगर सीएम की राजनीतिक दूरदर्शिता देखिये कि इस घोषणा को करने के लिए प्रदेश भर में जशपुर जिले के बगीचा को ही चुना, क्योंकि उन्हें मालूम था कि यह वही धरती है जहां पिछड़ी जनजातियों के बहुलता है, जहां पहाड़ी कोरवा और बिरहोर (PTG) जनजातियों का निवास स्थान है। और तो और वो भलीभांति जानते थे कि पिछले चुनावों में जिले से पहाड़ी कोरवाओं का भाजपा से विद्रोह ही जिले में कांग्रेस का परचम लहराने में अहम भूमिका को अदा किया था।
सीएम ने यह भी बताया कि इन पिछड़ी जनजाति के युवाओं को नौकरी देने में 346 करोड़ 42 लाख 80 हजार रुपये व्यय होने का अनुमान है। फिलहाल यही कहा जा सकता है, जिले में सौगातों के साथ सीएम राजनीतिक दूरदर्शिता के साथ जनजातियों को साधने में भी कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं।