जशपुर मूनादी ।। रायगढ़ की पूर्व सांसद और पत्थलगांव की विधायक गोमती साय को भाजपा ने बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी दी है। पार्टी की नई नियुक्ति के मुताबिक उन्हें गुजरात का सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी बनाया गया है।


लेकिन गोमती साय की राजनीतिक कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है।साल 2015 से 2019 तक जशपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रहीं गोमती साय ने 2019 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा और रायगढ़ लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुईं।
इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने पत्थलगांव सीट से चुनाव जीता और पहली बार विधायक बनीं। मुकाबला बेहद करीबी था—गोमती साय ने कांग्रेस के रामपुकार सिंह को महज 255 वोटों के अंतर से हराया। यानी जिला पंचायत से संसद तक और संसद से विधानसभा तक गोमती साय के राजनीतिक सफर में लगातार चुनावी जीत दर्ज हुई है।इसी वजह से समर्थकों के बीच उन्हें “राजनीति की अपराजिता” भी कहा जाता है।


अब भाजपा ने उन्हें गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्य का सह-प्रभारी बनाकर संगठन में नई भूमिका दी है। तो सवाल ये है कि गुजरात की इस नई जिम्मेदारी में गोमती साय की अगली राजनीतिक पारी कैसी होगी?