जशपुर मुनादी।। पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा है। 75वे वर्ष पूरे होने पर देश मे आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।गाँव गाँव गली गली में लोग तिरंगा यात्रा निकालकर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे लेकिन आजादी के इस महोत्सव में एक साहब एक साहब के लिए जहमत बन गयी है। एक गाँव मे महोत्सव में साहब शामिल क्या हो गए साहब राजनीति के रडार में आ गए । आलम ये है कि बात राजधानी तक पहुँच गयी और साहब के पास अफसरों के फोन आने शुरू हो गए।
दरअसल मसला ये है कि साहब सीतापुर विधानसभा के एक गाँव मे निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में शामिल हो गए थे और किसी ने साहब की फोटो खींच ली और फोटो सोशल मीडिया वायरल होने लगी ।फोटो को वायरल करने वालो की राय ये है कि साहब भाजपा द्वारा निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल होने अपने कार्य क्षेत्र के बाहर के गाव चले गए ।इनको शक है कि साहब सीतापुर में अभी से ही अपनी सियासी जमीन तैयार करने में जुट गए है इसलिए राजनीतिक कार्यक्रमो में भी शामिल होने से गुरेज नही कर रहे । यह फोटो जब कुछ कांग्रेसियों के हाथ लगी तो उन्होंने इस फोटो को राजधानी के बड़े नेताओं को भेज दिया और अब बात साहब के बड़े अफसरों तक भी पहुंच गई और उन्हें अपने अफसरों को जवाब देने पड़ रहे है।
साहब का तर्क यह है गाँव में तिरंगा यात्रा हो रही थी वो यात्रा किसी पार्टी की नहीं थी बल्कि गाँव के लोग तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे और देशभक्ति की भावना से वो भी उसमें शरीक हो गए एक।गाँव मे कई पार्टी के लोग रहते है हो सकता है उसमें मौजूद लोग किसी पार्टी से हो लेकिन किसी पार्टी विशेष से इसका कोई लेना देना नहीँ है ।लेकिन कोई इनके इस तर्क से सहमत नहीं है ।इनसे पूछा यह जा रहा है कि कार्य क्षेत्र से बाहर के गांव में ड्यूटी आवर में वो क्या करने गए थे? साहब की बातों से सहमत नहीं होने वाले लोगो का भी अलग तर्क है ।उनका कहना है कि साहब को सीतापुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की परम इच्छा है इसलिए इन्हें मूल काम से ज्यादा राजनीति में दिलचस्पी है और इसी चलते वो सीतापुर विधानसभा के गाँव मे भाजपा नेताओं के द्वारा निकाली गई तिरंगा यात्रा में शामिल होने चले गए ।
नेताओ के इस शक से साहब को जरा भी इत्तिफाक़ नहीं है ।इनका कहना है कि सारे शक काल्पनिक है हांलाकि है।हांलाकि साहब चुनाव लड़ने वाली बात पर ज्यादा कुछ नहीं बोले सिर्फ इतना कहा कि चुनाव लड़ेंगे या नहीं लड़ेंगे वो बाद का विषय है लेकिन जिस बात लेकर हंगामा बरपा है उस बात का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है ।देशभक्ति का जज्बा जागने के चलते वहाँ चले गए थे ।
हम समझ सकते हैं कि साहब को लेकर आपके मन मे कौतूहल इस बात को लेकर होगी कि साहब आखिर हैं कौन तो हम आपको वो भी बताएंगे ।हम बताएंगे क्या बात जब इतनी दूर पहुँच चुकी है तो आप तक पहुँचने भी ज्यादा वक्त नहीं लगेगा ।बात निकली है तो सकता है कि दूर तक जाय लेकिन अभी जो कुछ पता चल पाया है वो ये कि साहब किसी जनपद के सीईओ है और सीतापुर विधानसभा के किसी पड़ोसी विधानसभा में इनकी पोस्टिंग है।
आखिरी में यह भी जान लीजिए कि यह मामला इसलिए गर्म हो गया कि मामला सीतापुर विधानसभा से जुड़ा है और सीतापुर प्रदेश के कद्दावर मंत्री अमरजीत भगत का चुनाव क्ष्रेत्र है जहाँ से अमरजीत भगत चौथी बार लगातार चुनाव जीते है । सरकार में तेज तर्रार मंत्री की पहचान के अलावे मूख्यमंत्री के काफी चहेते मंत्री के रूप में इनकी पहचान है।