जशपुर मुनादी।। जशपुर में एक तरफ जहां ट्रेन चलाने की बात हो रही है वहीं जिले में सड़कों की हालत इतनी बदतर हो गयी है कि आम आडमी का सड़को पर चलना दुश्वार हो गया है ।बारिश में कीचड़ और बारिश न हो तो धूल ही धूल । विभाग के अधिकारियों के साथ ठेकेदारों की तगड़ी सेटिंग इसका मुख्य कारण माना जा रहा है।
उदाहरण के तौर पर चराई डाँड़ से बग़ीचा मार्ग के बीच सरब कॉम्बो की ही बात करें तो यहाँ की तस्वीर यही बयां करती है कि यहाँ किस हद्द तक सेटिंग का खेल चला होगा।
आपको याद होगा अभी हाल ही में रक्षाबंधन के दिन सरब कोम्बो में छोटे बड़े और भारी वाहनों का इस सड़क से निकलना मुश्किल हो गया था।घण्टो तक या यूँ कहें कि कई घण्टे वाहनों के पहिये थमे रहे और जिन्होंने निकलने की कोशिश की वो बुरी तरह वहीं फँसकर रह गए। की सड़क मिट्टी मिट्टी हो चुकी थी और पूरे सड़क पर कीचड़ का साम्राज्य स्थापित हो गया था ।
सोशल मीडिया और मीडिया में खबर आने के बाद हांलाकि विभाग के अधिकारियो के निर्देश पर मिट्टी हटाने का काम शुरू हो गया लेकिन सवाल यह है कि महज 4 दिनों की बारिश में यह हाल हो गया अभी तो आधी बरसात बाकी है।अभी बारिश तो सिर्फ चार दिन की थी अभी कमसे कम 40 दिनों की बरसात बाकी है।
बताया जाता है कि सरबकोम्बो के कुछ एरिया याने तकरीबन 8 किमी की सड़क पूरी तरह खराब हो जाने के बाद स्थानीय लोगों की मांग पर पीडब्लूडी के द्वारा सड़क मरम्मत का काम काम एक ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार को दिया।जानकारी के मुताबिक 8 किमी गड्ढे को पाटने के लिए सड़क 3 करोड़ रुपये की मिट्टी बिछा दी गयी और जब बारिश हुई तो सारे मिट्टी कीचड़ में तब्दील हो गए और फिर जो हुआ उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सबने देखा।
टेक्निकल सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि यहाँ बनाये गए रिटर्निंग वाल में wipe hole भी नहीं बनाए गए जिसके चलते पानी सड़क पर जमा हो जाता है और जब जब बारिश तेज आएगी हालात ऐसे ही हो जाएंगे ।
बहरहाल सवाल यह है कि विभाग के पास नियमो को ताख पर रखने की क्या मजबूरियां होती है ।आखिर जिस ठेकेदार को विभाग ब्लैक लिस्टेड करता है उसी ठेकेदार के पंजीयन को बगैर किसी प्रक्रिया के पुनर्जीवित करके उसे ही ठेके का काम दुबारा कैसे सौंप दिया जाता है ।इससे बड़ी बात यह कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि सबकुछ देखते रहते है करते कुछ नहीं ।