डेस्क मुनादी।। सबूत के तौर पर अदालत में जिंदा बम ले जाना पुलिस को भारी पड़ गया जब बम रास्ते में ही फट गयी और जो पुलिस टीम उसे लेकर जा रही थी उस टीम के 6 सदस्य घायल हो गए जिन्हें स्थानीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुक्र है यह बम अदालत नहीं पहुंच पाई।
बताया जाता है कि एक बम विस्फोट मामले को लेकर शुक्रवार को पटना कोर्ट में बहस होनी थी जिसके लिए पुलिस ने बिना बम डिफ्यूस किये कोर्ट में बतौर सबूत दिखाने ले जा रही थी। बाद में कोर्ट में गांधी मैदान थाना की पुलिस ने बताया कि बम रास्ते में फ़ट गयी और 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने अदालत को यह भी बताया उन्हें बम डिफ्यूज करना नहीं आता है।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया में बिहार पुलिस का बहुत मजाक उड़ाया जा रहा है। इस घटना का ट्वीट जनसत्ता के एक पत्रकार ने किया है जिसपर तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं। किसी ने यह भी पूछ दिया कि माननीय न्यायाधीश महोदय तो बच गए न ? और कई तरह की बातें पूछी जा रही है।
दरअसल अदालत में इस तरह जिंदा बम सबूत के तौर पर नहीं ले जाया जाता। नियमतः पहले बम डिफ्यूज करने के बाद उसे कोर्ट में ले जाते हैं लेकिन बिहार पुलिस ने यह कहते हुए अपना हाथ खड़े कर दी कि उसे तो बम डिफ्यूज करना आता ही नहीं यह काम बम निरोधक दस्ता का है।