जशपुर मुनादी।। बचपन से ही एक मुहावरा सुनते आए है -"आग लगने पर कुआं खोदना" और यह मुहावरा जशपुर में पूरी तरह चरितार्थ होता दिख रहा है। यहाँ आग लगने पर कुआं खोदने की न केवल कहावत चरितार्थ हो रही है बल्कि इसका सचित्र नजारा भी देखने को मिलता है।
मामला सचमुच में आग लगने का ही है और बात कुएं की इसलिए हो रही है क्योंकि आग को बुझाने के लिए उसी वक़्त दमकल याने अग्निशमन वाहन को बुलाया जाता है और उसके घटनास्थल पहुंचते तक सबकुछ खाक हो जाता है ।
हम बात कर रहे है जशपुर जिले के कुनकुरी नगर की जहां एक साल के भीतर 3 बड़े अग्निकांड हुए और अग्निशमन पहुंचते पहुंचते सब कुछ खाक हो गया ।बीते मार्च महीने में नगर के सभ्रांत व्यापारी व भाजपा नेता शिवा बंग के यहाँ देखते ही देखते भीषण आग लग गयी थी लाखों लाख का नूकसान तो हुआ ही साथ मे एक महिला की जान भी उसी आग में झुलस गई थी। उस घटना के बाद गुरुवार को फिर से नगर के जयस्तम्भ चौक के पास हार्डवेयर की दुकान में भीषण आग लग गयी और देखते ही देखते आग गोले बनकर निकलने लगे गए।अगल बगल के दुकानदार आनन फानन में अपनी दुकान का सामान बाहर फेकने लग गए ।दमकल को फोन किया गया ।दमकल आते तक लोग बाल्टी के पानी और बोर के पानी से आग बुझाते रहे लेकिन आग थमने के बजाय आग फैलने लग गयी ।
उधर आग दहक रही थी इधर लोगो का गुस्सा भड़क रहा था।लोग आक्रोशित होकर जिला प्रशासन ,नगर प्रशासन के खिलाफ हाय हाय के नारे लगाने लगे ।इसी बीच वहाँ पूरे दलबल के साथ एसपी डी रविशंकर भी पहुंचे और इनके पहुंचने के ठीक बाद दमकल की गाड़ी पहुंची।
दरअसल कुनकुरी में अग्निशमन की मांग काफी दिनों से हो रही है।बस स्टैंड के जूता दुकान में आग लगने के बाद इसकी मांग और तेज हो गयी लेकिन इनकी मांग को दरकिनार कर दिया गया।इस घटना के कुछ महीने बाद जब व्यापारी शिवा बंग के घर मे भीषण आग लगी और एक की जान चली गयी तब जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा कुनकुरी में बहुत जल्द अग्निशमन वाहन का इंतज़ाम करने का भरोसा दिया गया लेकिन मार्च से अगस्त महीने के होने वाले आखिरी दिनों तक भी अग्निशमन कि व्यवस्था नही हुई और गुरुवार को तीसरा हादसा हो गया जाहिर है ऐसे में लोग भड़केंगे और गुरुवार को जो नारेबाजी हुई प्रशासन के खिलाफ वो उसी नाराजगी का हिस्सा था । लोग प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बोल रहे थे कि यहाँ तभी कुआं खुदता है जब आग लगती है और जबतक कुआं खुदता है तबतक सबकुछ खाक हो जाया रहता है ।