जशपुर मुनादी।। बीते 25 मई को सामुदायिक अस्पताल दुलदुला में हुए हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद जिले की राजनीति का वोल्टेज रकबारगी बढ़ गया है। यहां के डॉक्टर महेश्वर माणिक और डॉ नीतीश आनंद सोनवानी के साथ आधी रात को की गई मारपीट के मामले में एफआईआर के बाद एक व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद भी मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा बल्कि इस मामले में थोड़ी थोड़ी देर में नए नए ट्वीस्ट आ रहे है।
शनिवार को इस मामले में उस वक़्त नया मोड़ आ गया जब दुलदुला अस्पताल के दोनों डॉक्टरों ने 25 मई की रात को उनके साथ हुई मारपीट के मामले में दुलदुला थाने में एक नया आवेदन दे दिया। इस आवेदन के मुताबिक मारपीट के मामले में गिरफ्तार हुए एक व्यक्ति के अलावे दूसरे आरोपी के रूप में नगरपंचायत कुनकुरी के एल्डर मैंन आशीष शतपथी का नाम सामने आया है ।पीड़ित डॉक्टर इससे पहले दूसरे आरोपी का नाम तिवारी बता रहे थे।उनके बताए मुताबिक दुलदुला पुलिस ने कुनकुरी ब्लॉक के पंचायत सचिव अनुराग तिवारी को हिरासत में ले लिया था लेकिन जेल जाने से पहले डॉक्टरों से जब अनुराग तिवारी की शिनाख्ती करवाई गई तो उन्होंने अनुराग तिवारी को पहचानने से इनकार दिया था ।इसके बाद डॉक्टरों ने शनिवार को दुलदुला थाने में आवेदन देकर बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि जिस दूसरे आरोपी का नाम वे तिवारी बता रहे थे दरअसल उसका नाम आशीष शतपथी है ।डॉक्टरों ने आवेदन देकर आशीष शतपथी पर गम्भीर आरोप लगाए हैं और आशीष शतपथी को गिरफ्तार करने की मांग की गई है।
इस बहुचर्चित मामले में आशीष शतपथी का नाम सामने आने के बाद जिले की सियासत का तापमान सातवें आसमान पर पहुँच गया है क्योंकि आशीष शतपथी विधायक यूडी मिंज के करीबी और नगरपंचायत कुनकुरी के एल्डर मैंन है।ऐसे में विपक्षी पार्टी भाजपा भला राजनीति को हवा देने में कैसे चुकती ।भाजपा के यूथ विंग ने डॉक्टरों द्वारा आशीष शतपथी के नाम से दिए गए आवेदन को सोशल मीडिया में वायरल कर दिया और प्रशासन को चेतावनी देते हुए लिखा कि पुलिस अगर कार्रवाई नहीं करती है तो इसके खिलाफ भाजपा उग्र आंदोलन करेगी और पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा ।
इधर इस मामले में दुलदुला पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों से हुई मारपीट के मामले में एफआईआर होने से लेकर गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है ऐसे में दुबारा उसी मामले में दूसरा एफआईआर करना टेक्निकली सम्भव नहीं है।।शनिवार को उसी मामले में नया आवेदन आया है आवेदन की जाँच की जाएगी और जाँच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई होगी।
आपको बता दें कि इस मामले को लेकर विपक्षी पार्टी भाजपा शुरू से डॉक्टरों के सपोर्ट में खड़ी है और घटना के विरोध में विधायक यूडी मिंज का पुतला दहन कर चुकी है ।भारतीय जनता पार्टी डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट की घटना को राजनीतिक रंग देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है और शिकायत में नया नाम जुड़ने के बाद भाजपा को राजनीति करने का एकबार फिर से मौका मिल गया।
इधर दूसरी ओर इस मामले में एल्डर मैन आशीष शतपथी के द्वारा भी डॉक्टर महेश्वर माणिक व नीतीश आनंद सोनवानी के खिलाफ कुनकुरी थाने में 3 पेज की लिखित शिकायत की गई है। आषीष ने पुलिस को दिए गए षिकायत में लिखा है कि उसके नाम को राजनीतिक दलों के इशारे पर जबरन घसीटा जा रहा है ।घटना के 3 दिन बाद थाने में जाकर दुबारा मेरा नाम लेकर धिकायत किया जाना पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है और जबरन झूठे मामले में फंसाने की साजिश है। एल्डर मैंन द्वारा बताया गया है कि अगर डॉक्टरों के साथ मार पीट हुई थी तो डॉक्टरों ने रात को ही पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी और मुझे पहचानते हुए भी पुलिस थाने में शुरू दिन मेरे नामसे रिपोर्ट दर्ज क्यों नही कराई गई ।घटना के 3 दिन बाद अचानक थाना जाकर मेरे विरुद्ध नामजद शिकायत किया जाना और भाजपा नेताओं के द्वारा ततपरता से शिकायत पत्र को सोशल मीडिया में वायरल करना यह प्रमाणित करताहै कि भाजपा नेताओं के इशारे पर 3 दिन बाद उनके नाम को इस मामले में जबरन घसीटा जा रहा है । शिकायत पत्र में लिखा गया है कि सीसीटीवीफूटेज की रिकार्डिंग के दौरान डॉक्टरों के बीच हो रही चर्चा की रिकार्डिंग भी मौजूद है जिसमे यह प्रमाणित होता है कि डॉक्टर उंन्हे अच्छी तरह पहचानते थे फिर भी उन्होंने एफाईआर में उनका नाम नहीं लिया और 3 दिन बाद साजिश करके थाने में अलग से शिकायत की गई । कांग्रेस नेता आशीष सतपथी ने पुलिस को भाजपा नेताओं के द्वारा सोशल मीडिया में वायरल किये गए फेसबुक पोस्ट की छाया प्रति और डॉक्टरों के द्वारा दिये गए 2 तरह के त्यागपत्रो की छायाप्रति भी प्रस्तुत किया है और पुलिस से गुजारिश की है कि षड्यंत्र करके झूठे मामले में फंसाने वाले दोनो डॉक्टरों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाय ।
इधर इस मामले में जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता आद्याशंकर त्रिपाठी का कहना है चूंकि डॉक्टरों से मारपीट की घटना के मामले में एक बार रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है इसलिए एक घटना की 2 बार रिपोर्ट (एफआईआई) दर्ज नही हो सकती बल्कि इस मामले में उल्टा सुप्रीम कोर्ट 2021 5scc के तहत झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला बन सकता है ।भारतीय दंड विधान की धारा 182 ,211 के तहत झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने का अपराध कायम हो सकता है। अधिवक्ता त्रिपाठी ने कहा कि एक घटना की रिपोर्ट होने के 3 दिन बाद नए तरह की शिकायत करना यह बताता है कि दूसरी रिपोर्ट प्लानिंग करके तैयार की गई है ।
इस मामले में दुलदुला थाना प्रभारी सन्तलाल आयाम ने बताया कि उनके थाने में अभी तक आशीष सतपथी की शिकायत नहीं पहुंच पाई है लेकिन उनकी जानकारी में है कि कुनकुरी थाने में आवेदन दिया गया है । थाना प्रभारी ने बताया कि आवेदन आने पर आवेदन की जाँच की जाएगी ।जाँच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उंसके मूताबिक कार्रवाई की जाएगी।
बहरहाल डाक्टरो ने मारपीट की घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी ओर आरोपियों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट नहीं लगाए जाने के विरोध में मंगलवार को जिले के सभी डॉक्टर एक दिन का सामूहिक अवकाश पर रहने की घोषणा की गई है और प्रदेश के डॉक्टरो के द्वारा माथे पर बन्डेज लगाकर काम काज किया जाएगा। डाक्टररो के संगठन सुडा द्वारा यह निर्णय लिया गया है ।
यह बताना जरूरी है कि मारपीट की घटना से आहत दोनो डॉक्टरों ने 25 मई की रात को ही बीएमओ को अपना इस्तीफा दे दिया है और दोनो अभी तक काम पर नहीं लौटे हैं । हांलाकि डॉक्टरों द्वारा दिये गए त्यागपत्र के कारणों के हर बिन्दुओ पर जाँच शुरू है। कलेक्टर द्वारा बनाये गए जाँच टीम के द्वारा इस मुद्दे से जुड़े हर पहलुओं की जाँच की जा रही है ।