जशपुर मुनादी।। यूं तो कहने को प्रदेश के 3 शिक्षक संगठन संजय शर्मा के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन , वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व वाले शालेय शिक्षक संघ और विकास राजपूत के नेतृत्व वाले नवीन शिक्षक संघ की तरफ से एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का दावा किया गया था और यह भी दावा किया गया था कि यह हड़ताल पूरी तरह से निष्पक्ष रहेगा जिसमें निष्पक्ष बैनर और सामान भूमिका की भी बात कही गई थी।
प्रदेश के अन्य संगठनों को भी निष्पक्ष बैनर और सामान भूमिका की बात कह कर साथ आने के लिए आह्वान किया गया यह बात और है कि जिन संगठनों को आह्वान किया गया था उनमें से किसी भी संगठन ने इसके लिए सहमति नहीं दी लेकिन जिन 3 संगठनों ने हड़ताल का ढिंढोरा पीटा था उसमे हड़ताल के पहले ही दिन बैनर और वर्चस्व की लड़ाई का नजारा साफ हो गया ।
जशपुर जिले में जो तस्वीरें निकल कर सामने आई है उसमें साफ नजर आ रहा है कि छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी जलाभिषेक करने के बाद अपने संगठन की वाहवाही लूटते हुए बैनर पोस्टर लहरा रहे हैं ऐसा ही कुछ अन्य जिलों से भी निकल कर सामने आए हैं इससे बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया कि यह किस प्रकार का निष्पक्ष बैनर वाला आंदोलन है जिसमें संगठन केवल और केवल अपना बैनर लहरा रहे हैं ।
जबकि निश्चित कालीन हड़ताल की ओर बढ़ रहे कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की ओर से केवल एक ही बैनर नजर आ रहा है और उसमें जो अलग-अलग संगठन जुड़े हुए हैं उनमें से कोई भी संगठन अपना बैनर सामने नहीं ला रहा है । कुल मिलाकर शिक्षक संगठनों ने एक बार फिर यह बता दिया है कि वास्तव में उनके बीच वर्चस्व की लड़ाई है ।