जशपुर मुनादी।।बगीचा के पाठ क्षेत्र में उत्खनन कम्पनी सीएमडीसी की जनसुनवाई स्थगित तो हो गया लेकिन अभी तक जिला प्रशासन के द्वारा जनसुनवाई स्थगित किये जाने सम्बन्धी कोई आदेश जारी नहीं होने के चलते अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है । इस मामले को लेकर सबसे पहले विरोध का झंडा गाड़ने वाले क्षेत्र के पहाड़ी कोरवा नेता प्रदीप दीवान का कहना है कि जनसुनवाई स्थगित करने की हवा केवल बकैती है ।पहले कोरवाओं की जमीन पर डकैती फिर जनसुनवाई स्थगित होने की खबर बकैती के अलावा कुछ नहीं है।
प्रदीप नारायण दीवान का कहना है कि (उन्ही के शब्दों में)
" अच्छा है बात कर रहे हैं, और दिशा निर्देश भी हासिल कर रहे हैं, कौन क्या किया ये हमे पता नही! न तो आदेश की कागज होती है न पावती की रशीद! सब बकैती पर डकैती किये जा रहे हैं! इन लोग एक दिन बकैती का डकैती करके आदिवासी का जनी छउआ सब ले जाएगा, फ़ीलहाल जमीन बारी ले जाने का प्लानिंग तो दिख ही रहा है, और उस पर बकैती "जबकि अभी तक कार्यालयों से आदेश निर्देश ही जारी नही हुआ"
दरअसल जब से बॉक्साइट उत्खनन के लिए बगीचा पाठ के पकरिटोला में जनसुनवाई की तिथि जारी हुई, और विरोध का स्वर खोलने वाले खुड़िया दीवान प्रदीप नारायण सिंह ने घोषणा कर दी कि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के साथ वो भी जनजातीय समुदाय के साथ वहीं पर महापंचायत करेंगे, जहां जनसुनवाई होगा। आनन फानन में भाजपा ने भी जिले के अपने फ्रंट लाइन लीडर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिया, और कहा कि हम भी इस आंदोलन में शामिल हैं, और इस महापंचायत में शामिल रहेंगे
उन्होंने कहा कि उनके द्वारा की गई महापंचायत की घोषणा में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है ।हमारा आंदोलन जारी रहेगा ।क्योंकि जनसुनवाई अगर निरस्त हुआ है तो निरस्त किये जाने सम्बन्धी घोषणा के कागजात दिखाए । जनसुनवाई का स्थगन मायने नहीं रखता जनसुनवाई जबतक निरस्त नहीं होगी उनका आंदोलन जारी रहेगा ।
आगर निरस्त किये तो कागज दिखाएं, और नही तो "डकैती आदिवासी की जमीन के साथ जनी छउआ का न करें!" दिलीप सिंह जूदेव के ये सपनो की जमीन है इस पर माफियागिरी की कोई बात भी जहन में न लाएं !!