जशपुर मुनादी ।। राजपरिवार जाशपुर के सियासी गढ़ कहे जाने वाले जिले के दुलदुला में पहली बार राजपरिवार की बहुरानी प्रियम्वदा सिंह जूदेव और उनके बेटे शौर्य प्रताप को एक साथ आमंत्रित करके दोनों का भव्य स्वागत हुआ ।
मौका था अम्बाकोना में बजरंग बली के मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का।यहाँ मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व कलश यात्रा समारोह में आमंत्रित किये गए माँ और बेटे दोनों का क्षेत्र के लोगों ने भव्य स्वागत किया।
कलश यात्रा में शामिल सैंकड़ो महिलाओं के कलश में शौर्य प्रताप ने जल रखा और मंदिर के लिए प्रथम कलश बहुरानी ने रखे ।
स्वागत और कलश यात्रा के विधिवत समापन के बाद मंच पर विराजमान बहुरानी प्रियम्वदा ने लोगों को सम्बोधित करते हुए हुए कहा कि उनके पितातुल्य ससुर स्व कुमार साहब ने उन्हें यही बताया था कि न केवल राजपरिवार बल्कि पूरा जाशपुर मेरा ससुराल है ।जशपुर के लोग हमारे परिवार से हैं और उनके हर सुख दुख के लिए राजपरिवार का दरवाजा खुला है। किन्ही भी समस्याओं के निराकरण के लिए क्षेत्र के लोग कभी भी उनके पास आये उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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शौर्य प्रताप जुदेव ने भी मंच से लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा वह क्षेत्र के लोगो के साथ खड़े हैं और उनके हर
सुख दुख में पूरा परिवार क्षेत्र की जनता के साथ है। शौर्य ने स्थानीय भाषा सादरी में मंच को सम्बोधित किया।
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आपको बता दें कि बहुरानी प्रियम्वदा भाजपा के पितृपुरुष कहे जाने वाले स्व दिलीप सिंह जूदेव की बड़ी बहू है और शौर्य प्रताप स्व जुदेव के बड़े पोते है । 2013 में स्व जुदेव के निधन के बाद प्रियम्वदा ने राजनीति का बागडोर थामा था ।उसी वक़्त नगरी निकाय चुनाव के दौरान वह नगरपालिका जशपुर के उपाध्यक्ष भी बनाई गईं ।उनके बेटे शौर्य में भी इन दिनों सक्रिय राजनीति में है।शौर्य भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हैं।
इतने वर्षों की राजनीति में पहली बार ऐसा देखा गया जब प्रियम्वदा और शौर्य दोनों एक मंच पर एक साथ दिखे और दोनों ने मच से आमजनता को सम्बोधित किया ।
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यह बताना जरूरी है कि बीते माह प्रियम्वदा ने गढ़वापसी का एलान किया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले जशपुर में कांग्रेस की जो जीत हुई थी उस जीत को कांग्रेस की हार में तब्दील करना उनका पहला मकसद है।खोये हुए गढ़ को 2023 में वापस लाना है।

