जशपुट मुनादी ।।
जिले के फरसाबहार ब्लॉक मुख्यालय में बन रहा ढाई करोड़ का सरकारी अस्पताल एक बाफ़ फिर से सुर्खियों में आ गया है। शुक्रवार को अस्पताल के बीएमओ और एक डॉक्टर के ग़ैरहाजिर रहते हुए भी उपस्थिति पंजी में उनके हस्ताक्षर होने के मामले में एसडीएम की कार्रवाई के बाद शनिवार को काँग्रेस नेता फिर से अस्पताल पहुँच गए और ढाई करोड़ की लागत से बन रहे नए अस्पताल के निर्माण की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़ा कर दिया । नए भवन निर्माण के निरीक्षण में गए स्थानीय काँग्रेस के नेताओं ने हमे बताया कि इस भवन में वायरिंग ,टाईल्स, पुट्टी जैसे मैटेरियल भी काफी घटिया किस्म के है ।एक भी सामग्री ब्रांडेड नहीं है ।
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कांग्रेस नेता पूरन वर्मा ने बताया कि पूर्व में भी अस्पताल के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर काँग्रेस के द्वारा सवाल उठाए गए थे तब जाकर निर्माण में सुधार हुआ था ।लेकिन फिर से गुणवत्ता को दरकिनार करके यहाँ काम किया जा रहा है ।
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हांलाकि वहाँ मौजूद टेक्निकल इंजीनियर का कहना है कि गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है ।उच्चाधिकारियों और तकनीकी के जानकारों से गुणवत्ता का परीक्षण कराया जा सकता है ।
आपको बता दें कि कुछ माह पहले नए अस्पताल भवन के निर्माण के शुरुआती दौर में हो काँग्रेस के ब्लॉक अधयक्ष निरंजन ताम्रकार की अगुवाई में गुणवत्ता विहीन कार्य कर रहे ठेकेदार और अधिकारियो के विरुद्ध थाना फरसाबहार में शिकायत दर्ज करवाई गई थी हांलाकि उस शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई यह अभी तक पता नहीं चल पाया है।
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आपको यह भी बता दें कि शुक्रवार को भी इस अस्पताल में खूब हंगामा हुआ था। दरअसल यहा पदस्थ एक डॉक्टर और यहाँ के बीएमओ दोनो अस्पताल से गैरहाजिर थे लेकिन अटेंडेंस रजिस्टर में दोनो के साइन थे। एक डॉक्टर बीते 5 दिनों से गैरहाजिर थे लेकिन उनका अटेंडेंस लिखा पढ़ी में पूरी तरह दुरुस्त था ।हर दिन के साइन मौजूद थे। फरसाबहार एसडीएम ने बीएमओ और डॉक्टर दोनो को नोटिस जारी किया है।

