रायगढ़ मुनादी।। अधिवक्ताओं और राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारियों के बीच छिड़ी जंग ने व्यापक रूप ले लिया है। इस मामले में अधिवक्ताओं का राष्ट्रीय संघ बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया ने भी अब दखल देते हुए छत्तीसगढ़ के DGP को पत्र लिखकर वकीलों पर लगाये गए गलत मामलों को वापस लेने कहा है।
बार काउंसिल ऑफ ई दिया ने अपने पत्र में लिखा है कि रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अन्य जगहों पर वकीलों के प्रति जो पुलिस द्वारा व्यवहार किया जा रहा है उसे तत्काल रोकने का भी उनसे अनुरोध किया गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जो निर्दोष वकील बेवजह पुलिस कस्टडी में हैं उन्हें भी पुलिस जल्द छोड़े।
पत्र बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने लिखा है। उन्होंने रायगढ़ के घटना का हवाला देते हुए लिखा है कि इस घटना के पीछे राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा है कि इस घटना में निर्दोष वकीलों की गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने कहा है कि राजस्व विभागमें व्याप्त भ्रष्टाचार घटना का जिम्मेदार है और निर्दोष वकीलों की गिरफ्तारी से प्रदेश भर अधिवक्ता परेशान हैं।
बहरहाल अब देखना यह है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के इस कदम के बाद पोलिसऔर प्रशासन का क्या रवैया रहता है। हालांकि आरोपी वकीलों के गिरफ्तारी के बाद राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का आंदोलन वापस हो चुका है लेकिन अधिवक्ता अब आंदोलित होने लगे हैं।अधिवक्ता संघ का होने वाला चुनाव भी स्थगित कर दिया गया है।



