रायपुर मुनादी।।
सहायक शिक्षक फेडरेशन छात्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष मनीष मिश्रा को जिला शिक्षाधिकारी द्वारा सस्पेंड कर दिया गया है। इस निलंबन के खिलाफ़ फेडरेशन ने शिक्षक एकता का परिचय देते हुए प्रांताध्यक्ष के लिंबन वापसी की मांग की है।फेडरेशन का कहना है कि शिक्षक मनीष मिश्रा को जिन आरोपों के चलते निलंबित किया गया है वे सारे आरोप मनगढ़ंत है और मनगढ़ंत आरोप लगाकर जिन अधिकारी ने मनीष मिश्रा को निलंबित किया है उन अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाय ।
फेडरेशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि मनीष मिश्रा( प्रांताध्यक्ष सहायक शिक्षक फेडरेशन छ ग) जो कि अपने साथियों के हितों के लिए विभिन्न स्तर के शैक्षिक अधिकारियों के कार्यालय मे जाकर विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हैं।..दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी के व्दारा मनीष मिश्रा पर.. बिना अवकाश आवेदन, अनाधिकृत रुप से उपस्थिति रहना एवं बगैर पूर्व सूचना, अनुमति के अपने अनेक साथियों के साथ शिक्षा संभाग दुर्ग मे उपस्थित होना एवं संभागीय संयुक्त संचालक से दुरभाष पर अनावश्यक एवं अनर्गल वार्तालाप करने की झुठी, मनगढंत, सोची समझी, साजिशन आरोप लगाकर बदले की भावना से की गयी निलंबन कार्यवाही का छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन तीव्र शब्दों मे आलोचना, निंदा एवं भर्त्सना करते हुए.... छ ग सरकार से फेडरेशन मांग करता है कि मनीष मिश्रा जी प्रांताध्यक्ष सहायक शिक्षक फेडरेशन के निलंबन आदेश को शुन्य घोषित करते हुए तत्काल वापस ले और ऐसे तुगलकी, बदले की भावना से कार्यवाही करने वाले तानाशाही अधिकारी पर शीघ्र नकेल कसे।*
एक शिक्षक /शिक्षिका नीजि तौर अपने समस्या को लेकर विभिन्न संबंधित शैक्षिक कार्यालयों पर पहुंच नही सकता इसलिए अपने अधिकार और हितों की सुरक्षा के लिए किसी भी संघ, संगठन मे रहता है।.. और संगठन का मुखिया और पदाधिकारी इन्हीं आशय को लेकर अपने साथी शिक्षक शिक्षिकाओं के हितों की रक्षा के लिए निरंतर हर मोर्चे पर डटकर संघर्ष करता है।.. तब कहीं जाकर समस्या का समाधान हो पाता है। विभिन्न स्तर के मुखिया एवं उनके तमाम पदाधिकारी.. अपने स्वयं के नीजि हित एवं समय को दरकिनार कर केवल, केवल और केवल अपने शिक्षक साथियों के हितों के लिए निरंतर प्रयत्नशील, संघर्षशील रहता है।
संगठन के मुखिया एवं विभिन्न स्तर के पदाधिकारी.. केवल, केवल और केवल अपने शिक्षक साथियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षशील रहता है।.. ऐसे परिस्थितियों से अधिकारी भली भांति अवगत होते हुए भी.. सहायक शिक्षक फेडरेशन के प्रांतीय नेतृत्व मनीष मिश्रा पर शिक्षा अधिकारी के व्दारा मनगढ़ंत, झुठी, सोंची समझी, साजिशन कार्यवाही का घोर निंदा करते हुए छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन सरकार से मांग करता है कि मनीष मिश्रा के निलंबन आदेश तत्काल वापस ले और संबंधित तानाशाही तुगलकी आदेश जारी करने वाले अधिकारी पर ठोस कार्यवाही करें।

