रायपुर मुनादी।। कोरोना काल में शिक्षा में हुए नुकसान की भरपाई के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने योजना बनाई है। इसके अंतर्गत संचालित सभी पाठ्यक्रमों (स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पी-एचडी) की कक्षाएं सोमवार 21 फरवरी से ऑफलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने राज्य सरकार द्वारा जारी कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के परिपेक्ष्य में यह निर्णय लिया है।
बता दें कि कोरोनाकाल के दौरान लाकडाउन के चलते शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। शिक्षण संस्थाओं में विद्यार्थियों की बड़ी संख्या रहती है। ऐसे में संक्रमण के दायरे को कंट्रोल करने के लिए संस्थाओं को बंद करने का निर्णय लिया गया था। इससे बच्चों की पढ़ाई का बड़ा नुकसान हुआ है। अधिकतर संस्थाओं में कोर्स अधर में है। कोर्स कवर करने के लिए ऐसा निर्णय लेना पड़ा है।
विश्वविद्यालय के निदेशक शिक्षण द्वारा जारी आदेश के अनुसार चालू सेमेस्टर की परीक्षाएं भी ऑफलाइन माध्यम में आयोजित की जाएंगी। विभिन्न विषयों का सिलेबस पूर्ण करने के लिए नियमित कक्षाओं के अतिरिक्त प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को भी सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक कक्षाएं लगाई जाएंगी।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एसएस सेंगर ने बताया कि विषयवार सिलेबस के पूर्ण होने की जानकारी अधिष्ठाता, प्राचार्य एवं विभागाध्यक्षों द्वारा निदेशक शिक्षण को भेजी जाएगी, जिसके उपरान्त विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा की समय सारणी जारी की जाएगी। उनके अनुसार पूर्व में स्नातक छात्रों के लिए जारी मिड टर्म टाइम टेबल एवं स्नातकोत्तर एवं पी-एचडी छात्रों के लिये जारी अंतिम सैद्धांतिक परीक्षाओं के टाईम टेबल को निरस्त कर दिया गया है।
जानकारी दी गई कि 21 फरवरी, 2022 के पूर्व ऑफलाइन माध्यम से ली गई कक्षाएं एवं परीक्षाएं मान्य होगी। उन्होंने बताया कि सभी महाविद्यालय कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी गाईड-लाईन का पालन करते हुए शैक्षणिक कार्य सुनिश्चित करेंगे।
बता दें कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय प्रदेश के साथ-साथ देश की कृषि संपदा को उन्नत बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है। यही वजह है कि यहां एक-दो नहीं बल्कि दर्जनों परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें से 12 परियोजनाओं राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला हुआ है।

