20-February-2022


अब भिखारियों ने भी लगाई यह युक्ति, नहीं चलेगा कोई बहाना, हर कोई है हैरान की आखिर ………… पढ़िए पूरी खबर



डेस्क मुनादी।। यदि आप किसी भिखारी को भीख देना चाहते हैं लेकिन आपके पास छूटते नहीं है तो कोई बात नहीं उसके पास QR कोड है, आप उसे पैसा ट्रांसफर भी कर सकते हैं। आपको आश्चर्य जरूर होगा लेकिन यह सच है, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में एक भिखारी गले में अपने एकाउंट का QR कोड डालकर घूम रहा है।

डिजिटल इंडिया ने हर किसी को हाईटेक कर दिया है। सब्जी-भाजी वाले से लेकर फेरी लगाने वाले भी इसका अनुशरण कर रहे हैं। देेखा जाए तो देश का हर नागरिक तेजी से इस ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अब अधिकतर लेन-देन डिजिटल माध्यमों से करने लगे लगे हैं।

https://munaadi.com/munaadi-breaking-big-decision-now-classes-will-be-held-on-saturday-and-sunday-also-classes-will-start-from-monday-due-to-kovid-read-full-news/

इसमें यूपीआई एक अहम रोल निभा रहा है। ऐसे डिजिटल युग में भिखारी फिर क्यों पीछे रहें, वे भी अपने को अपडेट कर रहे हैं। इसलिए वे अब डिजिटल पेमेंट का सहारा लेने लगे हैं। यह मामला सामने आया है मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में।

https://munaadi.com/breaking-munaadi-car-was-uncontrollable-high-speed-car-entered-between-working-laborers-death-of-one-worker-read-full-news/

जी हां यह बात सत्य है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में रहने वाले भिखारी हेमंत सूर्यवंशी को लोग डिजिटल भिखारी के रूप में जानने लगे हैं। उनकी पहचान दूर से ही हो जाती है। इसका कारण ये है कि भिखारी हेमंत सूर्यवंशी के गले में हमेशा ‘QR CODE’ की तख्ती लटकी रहती है।

https://munaadi.com/breaking-jashpur-minor-gang-rape-police-came-into-action-after-the-arrest-of-2-sp-vijay-aggarwal-said-the-remaining-accused-also-sp-left-on-the-spot/#.YhHJVX52068.whatsapp

यहां रोचक बात ये है कि हेमंत किसी से अगर पैसे मांगे तो कोई दानदाता यह कहे कि छुट्टे पैसे नहीं हैं तो राजू तत्काल बोलता है कि फोन पे दो, गूगल पे कर दो। उनकी बात और गले में लटकी क्युआर कोड की तख्ती देखकर लोग सोचने पर मजबूर हो जाते हैं। भिखारी हेमंत सूर्यवंशी को मध्य़ प्रदेश का पहला डिजिटल भिखारी कहा जा रहा है।

https://munaadi.com/big-breaking-jashpur-minor-gang-raped-by-the-accused-after-picking-them-up-from-the-wedding-ceremony-2-accused-in-custody-read-full-news/#.YhG0GDs7y10.whatsapp

भिखारी हेमंत सूर्यवंशी का कहना है कि अधिकतर लोगों से जब वह भीख मांगता था, तो कई लोग चिल्लर (छुट्टा) नहीं होने का हवाला देते थे। उन्होंने लोगों को दुकानों में डिजिटल पेमेंट करते देखा था। इसलिए उन्होंने डिजिटल तकनीक का सहारा लेते हुए बारकोड के जरिए भीख लेना शुरू किया। उन्होंने कहा जो लोग चिल्लर नहीं होने का बहाना करते हैं उनसे वह बारकोड के जरिए भीख लेते हैं।

https://munaadi.com/police-detained-contract-engineer-posted-in-breaking-jashpur-district-anganwadi-worker-made-serious-allegations-action-started-under-these-sections/#.YhGwptNUzas.whatsapp

आपको बता दें कि हेमंत का भीख मांगने का तरीका भी अलग है। मना करने पर वह कहता है- बाबूजी चिल्लर नहीं तो फोन पे या गुगल पे से भीख दे दो। इस दौरान लोग कौतुहल वश फोन से भीख दे भी देते हैं। भिखारी का कहना है कि लोग डिजिटल तकनीक को भीख के लिए इस्तेमाल होते देखने के लिए भीख भी आसानी से बारकोड स्कैन कर दे देते हैं।













Advertisement

Samvad Advertisement
× Popup Image



Trending News