रायगढ़ मुनादी।। रूस और यूक्रेन के बीच हुए युद्ध के कारण जहां हजारों भारतीय छात्र फंसे हुए हैं वहीं रायगढ़ के भी तीन छात्रों के फंसे होने की जानकारी के बाद munaadi.com ने उनसे बात की। रायगढ़ के छात्र यूक्रेन के कीव शहर स्थित मदान क्षेत्र में रह रहे हैं। कीव के एयरपोर्ट पर सुबह ही रूस द्वारा बमबारी की गई है।
वहां फंसे छात्र कफील से जब मुनादी ने बात की तो उन्होंने बताया कि लोग कीव छोड़कर लिवअप शहर की ओर भाग रहे हैं जो पोलैंड के बॉर्डर से लगा हुआ है। इंडियन एम्बेसी ने भी उन्हें वहीं जाने की सलाह दी है इसलिए वे अपना समान पैक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वहां सभी लोग डरे हुए हैं। उनका कहना है कि चूंकि उसी क्षेत्र में यूक्रेन के पार्लियामेंट भी है इसलिए वहां खतरा है। वहां भारी संख्या में भारतीय छात्र रहते आ रहे हैं।
कफील ने मुनादी को बताया की उन्हें वहां दो तरफ़ा दिक्कत है। एक तरफ तो रूस का आक्रमण का डर है वहीं स्थानीय लोग सड़कों पर हैं और वे भी उनपर हमलावर हो सकते हैं, इस बात का भी उन्हें डर है। वहां के डिपार्टमेंटल स्टोर में लोग टूट पड़े हैं। वे ज्यादा से ज्यादा खाने पीने की चीज इकट्ठा करना चाहते हैं। हालांकि कई लोग गाड़ियों से लिवअप शहर की ओर निकल रहे हैं जो कीव से 40 किमी की दूरी पर है।
यूक्रेन के कीव में फंसे छात्र रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ के रहने वाले हैं । उन्हें वहां से निकलने के लिए फ्लाइट गयी थी लेकिन सुरक्षा कारणों से छात्रों को एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया। छात्र भारत सरकार से भी गुहार लगा रहे हैं और लगातार इंडियन एम्बेसी के संपर्क में हैं लेकिन अब जबकि युद्ध शुरू हो चुका है कोई कुछ नहीं कर सकता इसलिए मासूम छात्र किंकर्तव्य विमूढ़ होकर इंडियन एम्बेसी के निर्देशों को फॉलो कर रहे हैं।

