30-April-2022


जिले के सबसे cool इलाके में सिर चकरा देने वाला आया जमीन का मामला , पहले पट्टा जारी हुआ फिर अचानक हो गया…..पटवारी ने कहा-तहसीलदार जानेंगे और तहसीलदार ने कहा….पढिये एक विबादित जमीन की जमीनी हकीकत



जशपुर मुनादी।। जिले के सबसे कूल कहे जाने वाले सन्ना में इन दिनों जमीन के एक मामले को लेकर माहौल भरी गर्मी में और ज्यादा गर्म हो गया है। सन्ना के बीचोबीच सरकारी जमीन पर कथित रूप से कब्जे की एक शिकायत हुई है शिकायत के बाद जब मामले की जमीनी तहकीकात की गई और उसमें जो तथ्य सामने आ रहे हैं वो तथ्य भी कम चौकाने वाले नहीं है।

दरअसल बीते मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में सन्ना के रहने वाले मुकेध गुप्ता के द्वारा सरकारी जमीन पर कुछ लोगो के द्वारा वर्षों से कब्जा किये जाने की शिकायत हुई है। शिकायत में बताया गया है कि यहाँ के खसरा नम्बर 1744 में वार्ड पंच काजल राय,शहाबुद्दीन अहमद,ब्रजभूषण पाठक और बलवंत गुप्ता के द्वारा स्वयं के पक्का मकान होने के बावजूद कब्जा किया जा रहा है।

इस शिकायत के बाद पूरे गाँव मे खलबली मच गई है। जिन 4 लोगों के विरुद्ध शिकायत हुई है उनमें से एक वार्ड पंच काजल राय का कहना है कि जिस जमीन को लेकर उनके विरुध्द शिकायत हुई है वो जमीन मेरे नाम से है ही नही इसलिए यह शिकायत यहीं पर फर्जी साबित हो जाता है और दूसरी बात यह कि जिस जमीन पर कब्जा किये जाने की शिकायत की गई है उस जमीन को लेकर कई सालों तक न्यायालय में प्रकरण चलने के बाद बिगत 29 अगस्त 2020 को बगीचा तहसीलदार के द्वारा पटवारी को निर्देशित करते हुए पट्टा जारी करने के आदेश जारी किए गए हैं।तहसीलदार के आदेश के बाद बी 1 में बाकायदे उनके पति अमल राय का नाम भी दर्ज है जिसका प्रिंट आउट भी उनके पास उपलब्ध है । 30 वर्ष पहले से उस जमीन पर उनका कब्जा है।इस बीच तहसीलदार से लेकर कमिश्नर के न्यायालय तक मे इस जमीन का प्रकरण चलता रहा और उपरोक्त जमीन का उनके पति अमल राय के नाम से पट्टा जारी हो गया ।जिस जमीन का विधिवत पट्टा जारी हुआ हो उसे बेजा कब्जा कहना कत्तई न्यायसंगत नहीं है ।

इधर इस मामले में यह भी जानकारी मिल रही है कि वर्तमान में जब भू अभिलेख के रिकार्ड को कम्प्यूटर में देखा गया तो ज्ञात हुआ कि जिस जमीन का विधिवत पट्टा दिये जाने की बात कही जा रही है वो जमीन कम्प्यूटर में दर्ज डाटा के मुताबिक शासकीय हो गयी है ।याने अगर इस डाटा पर यकीन करें तो इसके मुताबिक आज भी शासकीय अभिलेख में जमीन को शासकीय तौर पर दर्ज है ।मतलब साफ है शिकायत सही हई है और पट्टा दिये जाने की दलील झूठी है ।

इस सम्बंध में जब अमल राय से हमने बात की तो उन्होंने बताया कि उनके पास कम्प्यूटर में दर्ज डाटा का प्रिंट आउट उपलब्ध है ।प्रिंट आउट को कम्प्यूटर से ही निकाला गया है ।उन्हें भी इस बात की जानकारी है कि उनके पट्टे की जमीन को शासकीय बताया जा रहा है और उन्होंने कलेक्टर को आवेदन देकर डाटा को दुरुस्त करने की अर्जी लगाई है ।

ये हुई है शिकायत

आपको बता दे की सन्ना मे हल्का नंबर 9 के खसरा नंबर 1744 मे शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा का मामला वर्षों से चल रहा था वहीं तक उक्त जमीन पर पट्टा जारी करने की जानकारी मिलते ही प्राथी मुकेश गुप्ता के द्वारा कलेक्टर जनदर्शन मे शिकायत दर्ज किया गया है की 2014 -15 मे तहसीलदार बगीचा के द्वारा बेजा कब्जा हटाने के लिए आदेश क्रमांक रा प क्र. -81/अ -68/2014-15 पारित किया गया था था जिसे खाली न करवाकर राजस्व के अधिकारी कर्मचारियों के मिली भगत से खसरा नंबर 1744 मे अमल राय पिता स्व. कमल राय व अन्य के नाम फर्जी तरीके से पट्टा जारी कर दिया गया है जिसे जाँच कर आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उचित कार्यवाही करते हुए जारी किया गया पट्टा को निरस्त किया जाए।

बहरहाल ,देखना यह है कि प्रशासन इसमें आगे क्या कार्रवाई करता है ।देखना यह भी दिलचस्प होगा कि जांच में क्या कुछ निकलकर सामने आता है । शिकायत सही पाया जाता है या फिर सरकारी दस्तावेज झूठे साबित होते हैं।

बहरहाल, जिस जमीन के बी1 में पूर्व में अमल राय का नाम दर्ज था जिसका नकल भी उनके पास है उस ऑन लाइन डाटा में अब यह जमीन शासकीय कैसे बता रहा है इस सवाल का जवाब जानने के लिए जब सन्ना के पटवारी संदीप से दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो पटवारी ने जवाब देने से ही इनकार कर दिया ।उसने सिर्फ इतना कहा कि तहसीलदार ही बता पाएंगे और फोन काट दिया ।

इधर तहसीलदार सुनील गुप्ता से जब इस सम्बंध में चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उनके द्वारा प्रकरण की जांच की जा रही है।अमल राय के द्वारा पट्टा होने की बात कही गयी है लेकिन पट्टा प्रस्तुत नहीं किया गया है।उन्होंने भी माना कि पूर्व में ऑनलाइन में जमीन के बी1 में अमल राय का नाम दर्ज था ।बी1 में सुधार का आवेदन दिया गया है।








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