जशपुर मुनादी।। इस्लाम धर्म के मामने वालों का पिछले एक महिने से रमजान का पवित्र महिना चल रहा था, जिसमें मुस्लिम धर्मावलंबी महिने के तीस दिन के रोजे रखते हैं और उपवास के दौरान दुआ प्रार्थना में खुदा को याद कर अपना अधिकांश समय इबादत में गुजारने की कोशिश करते हैं। सोमवार को लोगों ने रमजान के पवित्र महिने का 30 वां रोजा रखा।
रविवार की देर शाम जब जशपुर के जामा मस्जिद में मुस्लिम धर्मावलंबी दिन भर के रोजे के बाद इफ्तार की तैयारी कर ही रहे थे, तब उनकी खुशी और बढ़ गई जब जशपुर शांति भवन चर्च, कुनकुरी बिशप हाउस समेत जिले के कई चर्चों के पुरोहित जशपुर के जामा मस्जिद पहुंचे जो अपने साथ ढ़ेर सारा फल और रोजे खोलने के लिए अन्य खाने-पीने की चीजें अपने साथ लेकर पहुंचे थे।
जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मंसूर आलम फैजी ने उनका स्वागत किया और इस अवसर पर दोनो समाज के प्रमुख धर्म गुरूओं ने एक दूसरे समाज को इसके लिए धन्यवाद और शुभकामनाएं दी। ईसाई समाज की ओर से भाईचारे का संदेश देते हुए मुस्लिम समाज के लोगों को रमजान और ईद की अग्रिम बधाई देते हुए अपने शहर, जिले, प्रदेश और पूरे देश में शांति और अमन के लिए दुआ की गई।
इस अवसर पर जशपुर शांतिभवन से फादर निर्मल मिंज, जडिय़ा से फादर सर्जियस किन्डो, पत्थलगांव से फादर याकुब कुजूर, केंद्रीय काथलिक सभा अध्यक्ष प्रदीप खेस, मुक्ति प्रकाश एक्का, बरनार्ड लकड़ा, अल्बिस खाखा, एम्मानुएल केरकेट्टा, भूषण टोप्पो, सुधीर टोप्पो, जेरोम लकड़ा, मनिहार लकड़ा, हेमन्त लकड़ा एवं सुरेश एक्का शामिल हुए।

