जशपुर मुनादी ।। एक तरफ मुख्यमंत्री भुपेश बघेल जगह जगह जाकर आम लोगो के बीच चौपाल करके आमजनों की समस्याओं से रु ब रु हो रहे हैं और फैसला आन द स्पॉट कर रहे है वही जशपुर में मुख्य्मंत्री के आन स्पॉट फैसले का जरा सा भी असर होता नहीं दिख रहा है। जिले के अधिकारी कर्मचारी अभी भी बेखौफ हैं।
हम बात कर रहे हैं जशपुर के सुदूरवर्ती अंचल सोनकयारी का ।यहाँ रहने वाले पहाड़ी कोरवाओ को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से सरकार ने यहां अस्पताल तो खोल दिया और अज़्प्ताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की पोस्टिंग भी कर दी लेकिन इन सबके बावजूद यहां न तो कोई डॉक्टर रहता है न ही स्टाफ ।
इसका खुलासा तब हुआ जब 2 दिन पहले रात को गांव के एक बच्चे को उल्टी दश्त की शिकायत हुई जब बच्चे का पिता बच्चे को लेकर अज़्प्ताल गया तो देखा वहाँ न तो कोई डॉक्टर है न कोई कर्मचारी ।रात में अस्पताल में वयाप्त वीरानियों को देख परिजन भड़क गए और काफी देर तक अस्पताल में हंगामा करते रहे ।इस बीच ग्रामीणों ने वीरान अज़्प्ताल का वीडियो भी बनाया ।
इस मामले में सीएमएचओ रंजीत टोप्पो से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि शुक्रवार के दिन एनएचएम के स्टॉफ नर्स हड़ताल पर थे।यहाँ 2 स्टाफ नर्स पदस्थ है जबकि एक एएनएम रेगुलर नर्स है । उसे अस्पताल से अनुपस्थित रहने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है ।उन्होंने बताया कि उनके पास जब इस मामले की शिकायत आयी तो उन्होने मामले को संज्ञान में लिया।

