रायगढ़ मुनादी।
गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र जो अति सुरक्षित की श्रेणी में आता है यहां बीते कुछ सालो आबादी बस गई और बड़ी संख्या में यहां आबादी तेजी से बढ़ रहा है। यह क्षेत्र अति सुरक्षित क्षेत्र की श्रेणी में आता है। इसलिए वन विभाग के लिए मुसीबत बन चुकी है। शुरूवाति दौर में मामले की गंभीरता को न समझा गया और जो भी अधिकारी आया मामले की गम्भीरता को समझने के बजाए जो जैसा हो रहा है होने दो की तर्ज पर छोड़ दिया गया नतीजा यह हुवा की गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र के अंदर पूरी एक बस्ती आबाद हो गया जहाँ सड़क बिजली पानी सब कुछ पहुंच गया।

कुछ समय पहले वन विभाग द्वारा गोमर्डा अभ्यारण्य अति सुरक्षित जंगल मे आवास बनाने को लेकर नोटिस जारी कर कब्जा हटाने कहा गया था इसे लेकर सोमवार को सीसीएफ बिलासपुर वृत्त जांच में पहुंचे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीसीएफ और पूरा महकमा कमलानगर वासियो से मिलने और गोमर्डा अभ्यारण्य अति सुरक्षित जगंल की श्रेणी में आने की वजह से इसकी जांच के लिए विशेष तौर पर सीसीएफ बिलासपुर पहुंचे हैं। लेकिन सूत्र बताते है कि दूर से बस्ती को देखकर सीसीएफ की टीम बैरंग वापस लौट गई। गोमर्डा अभ्यारण्य में अतिक्रमण को लेकर नोटिस तो जारी किया गया लेकिन हटाना एक बड़ी टेढ़ी खीर साबित हो रही है।

वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियो की लापरवाही का खामियाजा अब भुगतना पड़ रहा है बताया जाता है कि अब इसे रोकना सम्भव नही है। इसे तब रोका जा सकता था जब यहां अतिक्रमण की शुरवाती दौर थी लेकिन अब यहां से अतिक्रमण हटाना वन विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है हटाने की कार्रवाई से यहां राजनीतिक रंग भी चढ़ने की बात कही जा रही है।

गोमर्डा अभ्यारण्य क्षेत्र में जहां अवैध तरीके से एक पूरी आबादी बस गई है वहा सकड, बिजली और तमाम बुनियादी सुविधाएं भी पहुंच चुकी है तब वन विभाग द्वारा आपत्ति क्यो दर्ज नही कराया यह भी अपने आप मे जांच का विषय है।

