जशपुर मुनादी।
इन दिनों आधा जशपुर जिला लो वोल्टेज की समस्या की चपेट में आ गया है। न तो लोगों को पानी मिल पा रहा है, न ही और कुछ काम हो पा रहा है, न किसान अपने खेतों की सिंचाई ही कर पा रहे है, मतलब की हर वो काम जो विधुत मशीनों से होता है, सभी बैठ गए हैं।
दरअसल हुआ यह है कि 133 केवी लाइन का महादेवडाँड़ में स्थित पावर स्टेशन का पावर ट्रांसफार्मर 2-3 दिन पहले जल गया है, जिस कारण इस पावर लाइन से सप्लाई ठप्प हो गई है। जिससे बगीचा के ढेंगुरजोर, बासेन, मरोल, बगीचा, दुर्गापारा, सन्ना सोनक्यारी, उकई, भट्टा, चम्पा, तक दूरस्थ क्षेत्र तक सप्लाई होने वाली विधुत व्यवस्था चरमरा गई है। बतौली से सप्लाई छोटी लाइन के सहारे विधुत विभाग, और समझें तो उस छोटी लाइन पर क्षमता से कई गुना अधिक भार पड़ गया है, उसी से काम चला रही है, पर उस छोटी लाइन से लो वोल्टेज की समस्या से इन दिनों आम जनजीवन अस्त व्यस्त चल रहा है। जहां ग्रामीणों के लिए संचालित नल जल योजना तक संचालित नहीं हो पा रही है। इस आधे जशपुर के भू भाग में दैनिक जीवन में उपयोग हो सकने वाली हर प्रकार की मशीने ठप्प बैठी है, वहीँ कुटाई, पिसाई, पेराई जैसे लघु उधोग भी बैठ गए हैं। लोगों के टुल्लू पम्प तक नहीं काम कर रहे है। जैसे तैसे विधुत विभाग लो वोल्टेज के साथ इस त्योहारी सीज़न में कुछ बल्बों के टिमटिमाते रौशनी से ही थोड़ा बहुत रोशन करता दिख रहा है।
इस कारण अब ग्रामीण जनजीवन के साथ कस्बों का जनजीवन भी अस्त व्यस्त दिखाई पड़ रहा है। विधुत विभाग इस समस्या से कैसे लोगों को राहत देगा, फिलहाल इसका उनके पास कोई उपाय भी नहीं दिख रहा, वहीँ विभाग पर करीब से नजर रखने वालों की बात माने तो नए ट्रांसफार्मर के आने और लगने और प्रक्रिया में समय को एक डेढ़ महीने का बता रहे हैं। मतलब अभी जशपुर जिले के इस आधे भू भाग में समस्या दिनों के साथ ही और विकराल होने वाला है।
प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में क्या प्रयास हुए है, इस बारे में हम कुछ कह तो नहीं सकते, पर जशपुर जिले कांग्रेस विधायकों की तीनों सीटें है, सरकार भी उनकी, और लगभग आन पड़ी इस समस्या से त्रस्त दो विधानसभा के रहवासी है। क्योंकि यह विधुत लाइन से जशपुर विधानसभा के अलावा, पत्थलगांव विधानसभा का एक बड़ा क्षेत्र इस लाइन से रोशन होता हैं।

