रायगढ़ मुनादी।।
बरमकेला के महिला सब इंजीनियर पर हुई एफआईआर के बाद फिजा में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, हालांकि यह माहौल सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित है। इसकी शुरुआत तब
हुई जब बरमकेला जनपद पंचायत की एक सब इंजीनियर ने स्थानीय कांग्रेस नेता अरुण शर्मा पर छेड़छाड़ और काम में दखलंदाजी की शिकायत की। हालांकि कई माह बाद दो दिन पहले इस मामले पर एफआईआर हुई लेकिन छेड़छाड़ की धारा नहीं लगी लेकिन इसके दो दिन बाद 31 दिसंबर को महिला सब इंजीनियर के खिलाफ भी अनुसूचित जन जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो गया जिसकी आशंका महिला सब इंजीनियर ने पहले ही व्यक्त कर दी थी।
पुलिस के अनुसार कुछ साल पहले एक आदिवासी लड़की sub engineer के घर घरेलू काम करती थी उसके साथ उक्त सब इंजीनियर ने तब उसे जातिगत गालियां दी थी। जांच के बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज किया गया है। इसे सब इंजीनियर सहित सोशल मीडिया पर तमाम लोग पुलिस की गलत कार्रवाई बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह FIR स्थानीय कांग्रेस नेताओं के प्रेशर में किया गया है हालांकि पुलिस ने मामले में किसी तरह के प्रेशर से इनकार किया है।
इस मामले में सब इंजीनियर ने बताया कि मैं अपनी लड़ाई लड़ रही हूं इसमें इस तरह की बातें होंगी मुझे पहले से आभास था। हालांकि मेरी लड़ाई महिलाओं को कार्यस्थल (work place) में काम करने के उचित वातावरण देने के लिए है ताकि हम बिना डरे अपना काम कर सकें। लेकिन जो ऐसा नहीं चाहते वे इस तरह से हमे प्रताड़ित भी करेंगे। मैं इसके लिए तैयार हूं। हालांकि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी ऐसी उम्मीद है। मैंने जिस अरुण शर्मा के खिलाफ शिकायत की थी उनके खिलाफ पहले से कई शिकायत पुलिस में लंबित है।
इस मासके पर सरिया थाना TI आशीष वासनिक ने बताया कि अभी मामले में FIR हुई है जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। किसी भी शिकायत पर FIR करना हमारी प्राथमिकता है, इसके बाद जांच की प्रक्रिया होती है । पुलिस अपना काम कर रही है।

