04-January-2020


Munaadi Breaking - तीसरे विश्वयुद्ध की आहट? अमेरिका के बाद ईरान ने भी दागे अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर रॉकेट, रूस, चीन, तुर्की का मिला साथ



युद्ध के खतरे की मुनादी।।

अंतराष्ट्रीय स्तर पर बड़े युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। अमेरिका द्वारा बगदाद में ईरान के कमांडर सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान ने भी इराक स्थित अमेरिकी दूतावास और उनके सैन्य ठिकाने पर रॉकेट दागा है। इससे पहले सुलेमानी के अंतिम संस्कार में आये ईरानी प्रनुख ने अमेरिका को धमकी देते हुए इस घटना का बड़ा बदला ( severe revenge ) लेने की बात कही थी।

इराक के अमरीकी दूतावास और ग्रीन जोन में हमले के बाद ईरान ने टर्की से बात की है। अमेरिकी हमले में सुलेमानी के मारे जाने के बाद रूस और चीन ने भी घटना की निंदा करते हुए इसे असहनीय बताया था। ईरान और उसके समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने हालांकि अभी तक इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन ईरान में लाल झंडा लगाने के बाद यह समझ जा रहा था कि उन्होंने युद्ध का संकेत दिया है।

अमेरिका ने सुलेमानी की हत्या को आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के सरगना का खात्मा बताया था जबकि ईरान का कहना है कि उनके सैन्य लीडर की हत्या की गई है जिसका बदला वे लेंगे। हिजबुल्लाह लेबनान का आतंकी संगठन है और उसे ईरान समर्थित माना जाता है। उधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने यह खुलासा किया है कि दिल्ली के इजरायली राजदूत की हत्या में सुलेमानी का हाथ था और लंदन में भी सुलेमानी ने इस्राइल के खिलाफ षड्यंत्र किया था।

यदि औपचारिक युद्ध की घोषणा होती है तो यह सबसे बड़ा संकट हो सकता है क्योंकि इस युद्ध से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में इजाफा हो सकता है। इधर रूस और चीन ने ईरान का समर्थन किया है लेकिन यदि औपचारिक युद्ध में रूस और चीन ईरान के साथ खड़े हो जाते हैं तो कहीं यह युद्ध तीसरे विश्वयुद्ध में न बदल जाये। हालांकि यह उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका और ईरान युद्ध नहीं करना चाहेंगे, और मामला आपसी बातचीत से हल हो जाएगा। लेकिन ट्रम्प जिस तरह चुनाव के समय से ईरान पर हमलावर हैं उससे लगता है मामला कहिना विस्फोटक न हो जाये।








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