रायगढ़ जिले में शासन की किसान हितैसी योजना का बंटा धार कर रहे हैं प्रबन्धक
लैलूंगा से कृष्णा जायसवाल की मुनादी।
धान खरीदी केंद्र लरिपानी (झगरपुर) केशला औऱ तोलगे में नोडल अधिकारी के साठ गांठ से हो रहा है दूसरे राज्यों से धान खरीदी आठ दस वर्षों से एक ही मंडी में जमें नोडल अधिकारी के के साथ प्रबन्धक किसानों के हक मारने में लगे हर वर्ष शिकायत के बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही होना अधिकारियों के कार्य प्रणाली पर भी सवालिया पैदा करती है ज्ञात हो कि दोनों प्रबन्धक विजय बेहरा, एवं गोकुलपण्डा हमेशा से धान खरीदी में भरस्टाचार के मामले में हमेशा सुर्खियों में रहे हैं गोकुल पंडा विजय बेहरा भरस्टाचार मामले या कहें कि किसानों के मोटी रकम हजम करने के आरोप में दोनों ही जेल की हवा भी खा चुके हैं पर उसके बाद फिर से प्रबन्धक बन कर धान खरीदी केंद्र केशला,लरिपानी का प्रभार प्राप्त कर फिर अपनी ढपली अपना राग के तर्ज पर किसानों का हक मारने और शाशन को चुना लगाने में कोई कसर नही छोड़ रहे है लगता है प्रसाशन मूक दर्शक बन खुली छूट दे दी है ।ओड़िसा के कोचियों का धान खुले आम पर इन दोनों प्रबंधकों और इनके दस साल से डटे नोडल अधिकारियों के मिली भगत से सम्भव हो रहा है।अब देखना यह है कि प्रशाशन इन धान खरीदी केंद्रों के भरस्टाचारी करिदों पर नकेल कब कसती है । या हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी दोनों प्रबन्धक अपने पुराने नोडल अधिकारि सेतराम पैकरा ,सुभाष पैकरा एवं तोलगे मंडी में एस एस पुलस्त के साठ गांठ से साशन को लाखों के चुना लगाने में अपने मंसूबों पर कामयाब हो जाते हैं ।

