रायगढ़ मुनादी।
नगर पंचायत घरघोंडा में कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग से भाजपा का अध्यक्ष बन गया और रायगढ़ में भाजपा के क्रॉस वोटिंग से कांग्रेस का सभापति बहुमत के आंकड़े से भी अधिक भारी संख्या 30 मत हासिल कर जीत हासिल किया। घरघोडा में भाजपा का बहुमत था और इधर कांग्रेस के पास बहुमत मत था पर क्रॉस वोटिंग दोनो जगह हुवा। पर घरघोड़ा भाजपा में खुशी के बजाए कोहराम मचा हुआ है।
घरघोड़ा नगर पंचायत में इस बात को लेकर सोसल मीडिया के मंच पर एक भाजपा नेत्री कांग्रेस की हार और भाजपा के जीत के बाद क्रॉस वोटिंग के मामले में बड़ा कोहराम मच गया है वह भी जीती हुई पार्टी की तरफ से, जबकि भाजपा पार्टी का प्रत्याशी जीता है लेकिन मामला यहां इसलिए फंस गया है कि भाजपा नेत्री के कांग्रेसी पिता की हार हुई है और इसी का आक्रोश है।
इस मामले में भाजपा के एक बड़े नेता और नगर पंचायत के पर्यवेक्षक गुरपाल भल्ला ने जीत के लिए संख्या बल कम होने के बाद भी बनाई गई रणनीति है कि भाजपा की जीत बताते है उधर भाजपा नेत्री एक नई बहस छेड़ दिया है। अब उष्मान बेग भी पार्टी को पत्र लिखकर जांच तक उन्हें पार्टी की सदस्यता समाप्त करने की मांग कर डाले है।
पर्यवेक्षक गुरूपाल भल्ला को नगर सरकार बनाने की जिम्मेदारी मिलने के बाद श्री भल्ला ने ऐसी रणनीति बनाई कि बहुमत के आंकड़े के कम होने के बावजूद कांग्रेस को यहां चारों खाने चित्त कर दिया। परिणामस्वरूप घरघोड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के शिशु सिन्हा विजयी रहे। अब इसे लेकर जहां जिला भाजपा पर्यवेक्षक की रणनीति कौशल को जीत की वजह बताते है तो दूसरी ओर घरघोड़ा की भाजपा नेत्री इससे खुश नही है और इस मामले में कांग्रेस नेताओं पर गद्दारी करने सहित कई तरह के आरोप लगाकर भाजपा में एक नई विवाद को जन्म दे दिया है । भाजपा नेत्री के इस कदम से जिला भाजपा में नाराजगी भी देखी जा रही है। वही आरोप प्रत्यारोप से कांग्रेस से निर्वाचित उपाध्यक्ष उस्मान बेग पार्टी नेताओं और संगठन को एक पत्र प्रेषित किया है जिसमे कहा है उन पर रहे आरोप से क्षुब्ध है और जांच तक उन्हें पार्टी की सदस्यता से निष्काषित किया जाए और जांच के बाद वे दोषी होते हैं तो उन्हें कांग्रेस पार्टी से आजीवन निष्कासित कर दिया जाए।
उष्मान के इस पत्र में सामने आने के बाद कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष अरुण मालाकार का कहना है भाजपा नेत्री का आरोप निहित स्वार्थों से भरा हुवा है। आरोप को लेकर एक टीम बनाई जाएगी जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उष्मान के सदस्यता समाप्त करने की जरूरत नही है।
इधर जिला भाजपा में इस बात की खुशी की लहर है कि बहुमत नही होने के बाद भी उनका महापौर बन गया और यह कुशल रणनीति की वजह से हुवा है और इसका श्रेय पर्यवेक्षक गुरपाल भल्ला को दिया है।

