रायगढ़ मुनादी।
केंद्र सरकार की कॉरपोरेट और जन विरोधी नीतियों को लेकर आज देश भर में प्रदर्शन हो रहे है शहर में भी इसे लेकर जमकर प्रदर्शन किया गया। देश मे फैलते अराजकता और शिक्षा स्वास्थ बेरोजगरी जैसे मुद्दे भी प्रदर्शन में हावी रहा। देश की हालत को लेकर इन संगठनों ने चिंता जताते हुए केंद्र कि नीतियो के खिलाफ आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला।

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों इंटक, एटक,एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, एसईडब्ल्यूए, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी सहित विभिन्न संघों और फेडरेशनो की आज देश व्यापी हड़ताल में शहर के ट्रेड यूनियन कौंसिल, किसान सभा के राष्ट्रव्यापी हड़ताल में एल आई सी, बी एस एन एल, दवा प्रतिनिधि संघ,बैंक,पोस्टल, आंगनबाड़ी, छत्तीसगढ़ किसान सभा एटक इंटुक, सीटू, ए आई यू टी यू सी, एकटू, टी यू सी सी एवं समाजिक सांस्कृतिक संस्थाओं एवं जनसंगठनों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में आज सत्तीगुड़ी चौक में केंद्र सरकार की कॉरपोरेट घरानों के आगे नतमस्तक रहने वाली नीतियों के खिलाफ़ में प्रदर्शन किया गया।

ट्रेड यूनियन के देश व्यापी आंदोलन के समर्थन में कई बैंकों के काम काज आज बन्द है कई बैंक भी सरकार की नीतियों के खिलाफत करते हुए बैंक बन्द रखे हालांकि इसमें स्टेट बैंक शामिल नही है।

ट्रेड यूनियन और किसान सभा के संयुक्त तत्वाधान में विभिन संगठनों की उपस्थिति में सत्तीगुड़ी चौक में केंद्र सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। चौक में विभिन्न संगठनों द्वारा कॉरपोरेट घरानो के आगे नत्स्मतक रहने वाली सरकार के खिलाफ जान संगठनों ने नेताओं द्वारा आक्रोश व्यक्त की जा रही है। सरकार की जन विरोधी नीतियों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है इसके बाद शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

सरकार से श्रमिक विरोधी, जनविरोधी, राष्ट्र विरोधी नीतियों को वापस लेने व सरकार का रवैया श्रमिकों के प्रति अवमानना जैसा कृत्य को लेकर लोगो मे आक्रोश है और यह सत्तीगुड़ी चौक में प्रदर्शन के दौरान देखने को मिला।
ट्रेड यूनियनों ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हिंसा तथा अन्य विश्वविद्यालय परिसरों में इसी तरह की घटनाओं की कड़ी आलोचना की है और देशभर में छात्रों तथा शिक्षकों को समर्थन देने की घोषणा की है।

यूनियनों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि जुलाई, 2015 से एक भी भारतीय श्रम सम्मेलन का आयोजन नहीं हुआ है। इसके अलावा यूनियनों ने श्रम कानूनों की संहिता बनाने और सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण का भी विरोध किया है।

केंद्र सरकार की जननविरोधी नीतियों के खिलाफ सत्ती गुड़ी चौक से सभा के बाद कलेक्ट्रट तक रैली निकलेगी जहां जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

