09-January-2020


ओपी गुप्ता की गिरफ्तारी पर युद्धवीर का बड़ा बयान ,कहा-ये तो होना… प्रशासनिक आतंकवाद के दिए 4 उदाहरण , बगीचा ,कुनकुरी ,कोतबा और सरिया मामले में भी किया बड़ा खुलासा, पढिये युद्धवीर का एक्सक्लूसिव साक्षत्कार केवल "मुनादी डॉट कॉम"पर



जशपुर मुनादी।।

बीती रात करीब 1 बजे पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के पीए ओपी गुप्ता को नाबालिग के दैहिक शोषण के मामले में हुई गिरफ्तारी के मामले में भाजपा के पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव ओपी गुप्ता के सपोर्ट में खड़े दिखे। युद्धवीर का कहना है कि उन्होंने जिस प्रशासनिक आतंकवाद को पिछली सरकार में समाप्त किया था वही प्रशासनिक आतंकवाद प्रदेश में फिर से हाबी हो गया है। प्रदेश में हालात ये बन गए है कि जो भी सरकार के खिलाफ बात करेगा उसे ओपी गुप्ता की तरह रातों रात अंदर कर दिया जाएगा ।उन्होंने कहा कि न जाने कब के पुराने प्रकरण थे और रातों रात एफआईआर दर्ज करके उन्हें रात में ही थाने में बैठा दिया गया इससे बड़ा प्रशासनिक आतंकवाद का भला दूसरा नमूना क्या हो सकता है।

मुनादी डॉट कॉम से एक्सक्लूसिव बात चीत के दौरान युद्धवीर ने बीते शनिवार को जशपुर जिले के कुनकुरी में भाजपा के पार्षद पति के साथ कांग्रेसी नेताओं के द्वारा की गई मारपीट के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारे पार्षद पति ने जब आवाज उठाई और शिकायत लेकर थाने गए तो थाने में कार्यवाही होने के बजाय हमारे प्रार्थी को आदिवासी अत्याचार अधिनियम के तहत फंसाने की धमकियां दी आ रही है ताकि अपहरण और मारपीट का शिकार होने के बावजूद हमारा प्रार्थी जुबान बंन्द रखे न तो सरकार के खिलाफ कूछ बोल पाए न कांग्रेस के खिलाफ। प्रशासनिक आतंकवाद के 3सरा उदाहरण उन्होंने अभी हाल में बगीचा नगरपंचायत में भाजपा पार्षदों द्वारा किये गए अध्यक्ष उपाध्यक्ष चुनाव में हुए क्रॉस वोटिंग का दिया।इस मामले में युद्धवीर का कहना है कि यहाँ हमारे पार्षदों को खरीदने में काँग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने अहम भूमिका निभाई ।प्रमोद गुप्ता के जरिये सरकारी अधिकारियों के मार्फत हमारे पार्षदों को 10-10 लाख रुपये दिलवाए गए जिसकी जाँच होनी चाहिए।

इसी क्रम में रायगढ़ जिले के सरिया में भाजपा के महामंत्रो के साथ रायगढ़ विधायक के समर्थको के द्वारा मारपीट की गयी और मार खाने वाले हमारे महामंत्री को ही थाने में बैठा लिया गया ।सांसद गोमती साय और और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जब दबाव बनाया तब उन्हें थाने से तो छोड़ दिया गया लेकिन बाद में महामंत्री साहू के विरुद्ध 307 का प्रकरण दर्ज कर लिया गया।307 का मुकदमा कायम होने की खबर सुनकर जब महामंत्री साहू गिरफ्तारी देने थाना पहुंचे तो पूलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने से यह बोलकर मना कर दिया कि गिरफ्तारी विवेचना के बाद करेंगे जबकि नियम के तहत 307 का मुकदमा बगैर विवेचना के कायम नही होता।

आखिरी में उन्होंने जिले के सबसे हॉट मामला कोतबा में बीडीसी के भाजपा समर्थित महिला प्रत्याशी के अपहरण पर फोकस करते हुए कहा कि महिला,उंसके पति और छोटे बच्चे का अपहरण कर लिया जाता है सरेआम उन्हें तहसील में नामांकन वापसी के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ताओ के द्वारा लाया जाता है ।हमारे कार्यकर्ता जब विरोध करते हैं तब जाकर पूलिस हमारे प्रत्याशी को अपहरण कर्ताओ के चंगुल से छुड़ा पाती है।








Advertisement

Samvad Advertisement
× Popup Image


Trending News