09-January-2020


कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण सर्जरी शहर के बालाजी मेट्रो में, स्थानीय डॉ अहर्निश अग्रवाल ने किया सफल ऑपरेशन, इनका रहा मार्गदर्शन ......डॉ प्रकाश मिश्रा ..कहा इसी ऑपरेशन के बाहर में ....पढ़े स्वास्थ्य से जुड़ी खबर



रायगढ़ मुनादी।

शहर के बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बीते दिनों कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण सर्जरी की गई और यह पूरी तरह से सफल हुई। बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में इसकी सर्जरी की गई और सबसे खास बात ये है कि शहर के ही निवासी डॉ अहर्निश अग्रवाल द्वारा किया गया।
दरअसल शहर के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले एक मोटरसाइकिल मैकेनिक ख़िरसागर साहू के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण सर्जरी की गई। इसे लेकर मरीज के परिजनों द्वारा मरीज ख़िरसागर साहू के पूरी तरह से स्वस्थ्य होने के बाद बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में एक पत्रकार वार्ता में पूरी जानकारी दी गई। मेट्रो के डायरेक्टर डॉ प्रकाश मिश्रा ने बताया कि पहले भी यह सर्जरी शहर के अस्पताल में हुई है लेकिन बाहर से आकर डॉक्टरो द्वारा किया जाता रहा है लेकिन यह पहली बार है कि किसी स्थानीय डॉक्टर द्वारा यह जटिल सर्जरी की गई है। उन्होंने बताया कि रायगढ़ से बाहर इस सर्जरी में डेढ़ लाख से पौने दो लाख तक खर्च आता है और इसी सर्जरी को प्रदेश के बाहर कराने पर 5 से 6 लाख तक का खर्च आता है। डॉ प्रकाश मिश्रा ने बताया कि हम यहां इस मरीज के कूल्हे का सर्जरी और प्रत्यारोपण निःशुल्क स्मार्ट कार्ड से किया गया। डॉ प्रकाश मिश्रा ने बताया कि डॉ अहर्निश अग्रवाल द्वारा यह सर्जरी सीनियर ऑर्थोपेडिक्स डॉ पदमन पटेल की उपस्थिति में किया गया।

सफल सर्जरी के बाद ख़िरसागर साहू


इस बीमारी को चिकित्सीय भाषा मे एवैस्कुलर नेकरोसिस कहते हैं जिसमे हड्डियों की एक ऐसी स्थिति है जिसमें बोन टिश्यू यानी हड्डियों के ऊत्तक मरने लगते हैं। यह स्थिति तब होती है, जब इन ऊत्तकों तक पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं पहुंच पाता। इसे ऑस्टियोनेक्रोसिस भी कहा जाता है। एवैस्कुलर नेकरोसिस से हड्डियां घिसने लगती हैं और अंतत: खत्म होने के कगार पर पहुंच जाती हैं। शुरू में यह दर्द वजन उठाने पर जोड़ों में दर्द होने लगता है और अंत में स्थिति इतनी ज्यादा बिगड़ जाती है कि लेटे रहने आराम करने सोते समय पर अत्यधिक दर्द होता है यह दर्द असहनीय होता है।

डॉ अहर्निश अग्रवाल ने बताया कि यह बीमारी किसी को भी हो सकती है लेकिन आमतौर पर 30 से 60 वर्ष के बीच की आयु वर्ग के लोगों को यह समस्या अधिक होती है। वे लोग जो लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में स्टेरॉइड का इस्तेमाल करते हैं और ज्यादा शराब पीते हैं, उन्हें इसकी आशंका अधिक रहती है। डॉ अग्रवाल ने बताया कि जिस मरीज के कूल्हे का सफल सर्जरी किया गया उसमें एक बड़ी समस्या यह थी मरीज में प्रोटीन और खून की बहोत कमी थी जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी लेकिन अंततः यह सफल रहा और आज मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। बता दें कि डॉ अहर्निश अग्रवाल शहर के जानेमाने प्रतिष्टित परिवार जन नायक रामकुमार अग्रवाल के पोते हैं और डॉ राजू अग्रवाल के पुत्र हैं।








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