जशपुर मुनादी ।।
जनजातीय आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदकुमार साय एक खबर से काफी नाराज हैं। नाराजगी का कारण ये है कि उनके आयोग के द्वारा कौशल विकास योजना का 5 सालों का हिसाब जशपुर जिला प्रशासन से मांगा गया है और इसको भाजपा शासन में हुए भ्र्ष्टाचार से जोड़कर खबरे बनाई जा रही हैं। ऐसी खबरों से नाराज नंदकुमार साय ने कैमरे के सामने जमजर नाराजगी जाहिर की है
जनजातीय आयोग के द्वारा जशपुर कलेक्टर को पत्र जारी कर जनजातीय बाहुल्य जिला जशपुर में 2013 से संचालित कौशल विकास योजना के तहत 5 सालों तक किये गए कार्यों की जानकारी मांगी है ।साथ मे इन्ही 7 बिंदुओं पर राज्य शासन से भी योजना को लेकर जानकारियां इनके द्वारा मांगी गई है ।इसी मामले में खबर ये आ गयी कि जनजातीय आयोग के राधट्रीय अध्यक्ष पुरवर्ती भाजपा सरकार में कौशल विकास योजना में हुए भ्र्ष्टाचार की परत उखाड़ रहै हैं।
मुनादी डॉट कॉम से बात चीत के दौरान उन्होंने कहा कि आयोग किसी पार्टी का नही होता न ही किसी पार्टी के लिए काम करता है।जशपुर जनजातीय जिला है और यहाँ के जनजातीय समुदाय को सरकारी योजनाओ का लाभ मिल रहा है कि नही और अगर इन्हें लाभ नही मिल रहा है तो लाभ इसका कौन उठा रहा है इसकी जानकारियां एकत्र करना आयोग का काम है और वही काम आयोग जशपुर में कर रहा है ।कौशल विकास योजना के तहत कितने लोगों को और उन्हें कैसे लाभ मिल रहा है जिला प्रशासन से इसकी जानकारी मांगी गई है इसमें न तो पार्टी वाली कोई बात है न सरकार वाली । उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा है कि बताया जा रहा है कि प्रदेश की नई सरकार ने कौशल विकास के भृष्टाचारव पर पूर्णतः विराम लगा दिया है लेकिन अभी कुछ ही दिन पहले एक संस्था को 70 लाख चेक काटकर दिया गया है ।
आपको बता दें कि आयोग के द्वारा जिला प्रशासन जशपुर को कल ही एक लेटर जारी किया है ।जारी लेटर में आयोग ने 2013 से 2018 तक कौशल विकास योजना के तहत किन किन संस्थाओं को वीटीपी जारी की गई ,किन किन संस्थाओं की वीटीपी निरस्त की गई और किन कारणों से निरस्त की गई सहित 7 बिंदुओं की जानकारी मांगी है साथ ही साथ इस मामले की जांच चलते तक कौशल विकास योजना के प्रभारी अधिकारी प्रकाश यादव को पद से हटाने के भी निर्देश दिए हैं।

