जशपुर मुनादी।
बगीचा नगर पंचायत में सरकार बनने के साथ ही इस नगर पंचायत के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीण सीधे नगर पंचायत ही धमके और सीधे सीएमओ के चेंबर में घुसे, समस्या बताई, पर लोग यह भी कि साहब अब तक सुने क्यों नहीं ?
पूरी घटना और उस पर स्थानीय रहवासियों के आक्रोश को लेकर लोग यह भी कह रहे की इस नई नवेली सरकार के मुंह पर यह तमाचा भी है।
दरअसल पीएम आवास निर्माण में भुगतान को लेकर ग्रामीणों ने सीधा आज नगर पंचायत में धावा बोला है। वार्ड 2 व वार्ड 9 के नागरिकों ने नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी मोहन राम यादव पर सीधा पैसा मांगने का आरोप लगाया है, साथ ही चेहरा देखकर लोगों के खातों में पैसा डालने की बात हो रही है। ग्रामीणों ने सीधा आरोप लगाया कि 5000 रूपये डायवर्सन के नाम पर पहले ही हितग्राहियों से ले लिया गया है।
ग्रामीणों की खबर पाकर पार्षद भी ग्रामीणों के पास पहुंचे, और सीधे अधिकारी पर आरोप लगाया कि इन्हें वार्ड जाकर देखने की बात कहते हैं पर ये नहीं जाऊँगा कहते हैं। वैसे इस तरह के मामले को लेकर पहले से ही पार्षद आक्रोशित रहे हैं, यहाँ तक की धरना भी। और अब इस नवीनतम सरकार में भी अधिकांश पार्षद फिर से चुनकर आ गए हैं। पर अब तक ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है, न ही प्रशासनिक स्तर पर इस पर निराकरण की कोई पहल ही हुई है, और न ही कार्यवाही। मतलब सीधा कि इस नगर पंचायत पर कार्यप्रणाली को लेकर अब यही कहा जा रहा है कि इस निकाय की अवस्था है, व्यवस्था है या दुरावस्था ?
हालांकि सीएमओ ने इंजीनियर व प्रभारी को तत्काल निराकरण करने के दिए निर्देश तो दे दिए हैं पर चुनाव के पूर्व से इस तरह का मसला चल रहा तो क्या अब तक साहब सो रहे थे, या कह लो भूल जाओ की कथा चरितार्थ कर रहे है। वहीँ अब सवाल यह भी है कि क्या साहब सहमति से सारा कृत्य और खेल चल रहा है।

