प्रतापपुर मुनादी।।
ग्राम भेड़िया के राहत शिविर में उत्तरप्रदेश के रखे गए 35 मजदूरों का आज ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन के समक्ष जमकर विरोध किया। इस दौरान काफी समझाने के बाद अंततः ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए आज शिविर में पुलिस के अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी गई है।
बाहरी मजदूरों को उत्तरप्रदेश की ओर जाने से रोकने के लिए प्रशासन को स्थानीय ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। शासन से मिले कड़े निर्देश के बाद प्रतापपुर से उत्तरप्रदेश जाने वाले मार्ग पर प्रतापपुर प्रशासन ने मजदूरों को रोकने की व्यवस्था की थी, जिसमें प्रशासन को नाकामी का सामना करना पड़ा था।
लगातार दो दिनों तक ग्रामीणों के विरोध के बाद रेवटी कैम्प से भागे 273 मजदूरों पर प्रशासन की हो रही किरकिरी के बाद एसडीएम सीएस पैकरा ने कैम्प को रेवटी से भेड़िया गांव में शिफ्ट कर दिया था। यहां कल से 35 मजदूर रुके हुए है, जो उत्तरप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले है। शुक्रवार से रुके इन मरीजों का हालांकि कल विरोध नाममात्र था, परंतु आज सुबह से ग्रामीणों ने इनको गांव में रखने का विरोध शुरू कर दिया। इसकी जानकारी पर हालात का जायजा लेने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन जब भेड़िया कैम्प पहुंचे, तो ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और पुरजोर मजदूरों का विरोध करने लगे।
इस दौरान जिला पंचायत सीईओ के साथ मौजूद एसडीएम सीएस पैकरा, एसडीओपी राकेश पाटनवार ने उन्हें काफी समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीण शांत हुए और वापस चले गए। इधर ग्रामीणों के इस विरोध पर मजदूर भी डरे हुए है। हालात को देखते हुए इस कैम्प के आसपास अतिरिक्त जवानों की डयूटी लगा दी गई है।

