प्रतापपुर मुनादी।।
लॉक डाउन के कारण पम्प व अन्य कृषि उपकरणों से सम्बंधित दुकानों के बंद होने से किसान परेशान है। गेहूं, मक्का,गन्ना सहित अन्य फसलों में सिंचाई करने के लिए न तो दुकान खुले है और न ही पंप मिस्री मिल पा रहे है।
लॉकडाउन के कारण अब इसका व्यापक असर किसान व खेत में देखने को मिल रहा है। सरकार ने भले ही रोजमर्रा की आवश्यक वस्तु किराना,डेयरी,खाद-बीज व अन्य को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा है, परंतु खेती किसानी का एक हिस्सा इससे काफी प्रभावित हो रहा है। लॉकडाउन के दौरान खेतों में गन्ना, गेहूं,मक्का की फसल खड़ी है, जिसमें सिंचाई को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि नए पंप की खरीदी के साथ पुराने पंप जो खराब हो गए है, उनके रिपेयर के लिए मिस्री नहीं मिल रहे है, जिससे आने वाले दिनों में संकट बढ़ सकता है। इनमें बहुत से किसान तो ऐसे भी हैं जिनके पास पैसे नहीं हैं और उन्हें पम्प उधार में खरीदना होता है जो चुनिंदा दुकानों में ही मिल सकता है। हालांकि पम्प के लिए शासकीय योजनाएं भी हैं लेकिन टारगेट फिक्स होने के कारण सभी किसानों को मिल पाना सम्भव नहीं हो पाता है। अगर हालात ऐसे रहे तो किसानों की खेती नहीं हो पाएगी और वे आर्थिक रूप से पिछड़ जाएंगे।
(दुकान बन्द होने के कारण नहीं बेच रहे पम्प-अनिल मित्तल)
प्रतापपुर में आकाश इलेक्ट्रॉनिक के संचालक और पम्प विक्रेता अनिल मित्तल ने एक चर्चा के दौरान बताया कि पम्प की विक्री का मुख्य समय फरवरी माह से प्रारंभ होता है जो जुलाई तक चलता है। इस समय गेहूं और गन्ना के साथ सब्जी की खेती में पानी की आवश्यकता होती है।
(क्या कहा अधिकारियों ने..)
चर्चा के दौरान एसडीएम सीएस पैंकरा ने कहा कि इस तरह की दुकानों को खोलने अभी तक कोई अनुमति नहीं है लेकिन वे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में स्थिति को लाएंगे ताकि कोई निराकारण निकल सके।कृषि विभाग के अधिकारी अनिल चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय में किसानों को पम्प की आवश्यकता तो है लेकिन अभी तक इनसे सम्बन्धित दुकान खोलने कोई आदेश नहीं है हालांकि खाद बीज की विक्री में छूट दी गई है,उम्मीद है संज्ञान में आने के बाद शासन कोई उचित निर्णय ले,वे अपने अधिकारियों से बात करेंगे ताकि कोई पहल हो सके।

