05-April-2020


मुनादी बिग ब्रेकिंग:- मां महामाया शुगर मिल में गन्ना खरीदी से एक दिन पूर्व कलेक्टर ने एमडी को थमाया नोटिस। प्रबंधन के बेपरवाह होने की खुली पोल.......



प्रतापपुर मुनादी से मुकेश गोयल की खास रिपोर्ट।।

6 अप्रैल से गन्ना खरीदी पुनः आरम्भ कराने से ठीक एक दिन पूर्व जिला कलेक्टर दीपक सोनी ने शक्कर कारखाने के एमडी विनोद बुनकर के गैरजिम्मेदाराना रवैये पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं में दंडनीय होने का उल्लेख करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में एमडी को 5 दिवस के अंदर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया गया है। इस नोटिस ने कारखाना प्रबंधन के किसानों के हित के प्रति बेपरवाह होने के साथ उनकी तैयारियों की पोल खोल दी है।

कोरोना संक्रमण के दौरान गन्ना कृषक के समक्ष आजीविका के संकट को देखते हुए शासन की पहल पर 6 अप्रैल से पुनः गन्ना खरीदी आरम्भ की जानी है। इसी बीच जिला कलेक्टर दीपक सोनी ने कारखाना के एमडी विनोद कुमार बुनकर को नोटिस जारी कर दिया है। जिला कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में कड़े शब्दों में उल्लेख किया गया है कि एमडी द्वारा उच्चाधिकारियों के द्वारा दिये गए निर्देशों की जानबूझकर अवलेहना की गई है। नोटिस के अनुसार इस समय कोरोना संक्रमण के बीच गन्ना कृषक हित के साथ उनके समक्ष आजीविका के संकट को देखते हुए शासन की ओर से गन्ना पुनः खरीदी आरम्भ करने का निर्देश जारी किया गया था। नोटिस में एमडी विनोद बुनकर पर इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा दिये गए निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना करने के साथ कड़े शब्दों में कृषकों के गन्ना विक्रय करने के संबंध में कोई कार्य नहीं किये जाने की बात कही गई है। इस नोटिस में पूर्व में भी जारी किए गए आदेश का परिपालन नहीं करने की बात कही गई है, जिसमें गन्ना विक्रय कराने हेतु गन्ना पर्ची को प्राथमिकता नही देने का उल्लेख है। जिससे गन्ना कृषकों द्वारा सीधे शासन स्तर पर शिकायत करने एवं उनमें कारखाना की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश की बात कही गई है। जिला कलेक्टर दीपक सोनी ने इसे गैरजिम्मेदाराना कृत्य मानते हुए 5 अप्रैल को एमडी विनोद कुमार बुनकर को नोटिस जारी कर दिया है। कलेक्टर ने इसे आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 56 के अंतर्गत दंडनीय होने की बात कहते हुए 5 दिन के अंदर स्वयं उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है, जवाब नही देने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। जिला कलेक्टर के इस नोटिस ने यह साबित कर दिया है कि किसान हित में एक ओर शासन उनकी आजीविका को लेकर चिंतित है, वहीं दूसरी ओर कारखाना प्रबंधन इसको लेकर कितना बेपरवाह है। खरीदी आरम्भ होने से एक दिन पूर्व इस नोटिस ने प्रबंधन की लापरवाही की पोल खोल दी है।








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