रायपुर मुनादी ।।
निज़ामुद्दीन मरकज़ में तबलीगी जमात से कोरोना मरीज पाए जाने और इस जमात से संबंधित मरकज़ से करीब 2 हजार लोगों को निकाले जाने के बाद मीडिया तबलीगी जमात पर हमलावर है। हालांकि इंदौर और गाज़ियाबाद जैसी घटनाओं के कारण उनके खिलाफ आम लोगों में माहौल भी बन गया है। लेकिन जो न हो रहा हो उसके बारे में भी गलत जानकारी दिया जा रहा है और मीडिया में उसे चलाया भी जा रहा है। मामला रायपुर सांसद सुनील सोनी से जुड़ा है जिन्होंने छत्तीसगढ़ में तबलीगी जमात का एकमात्र कोरोना मरीज के बारे में जो जानकारी दी उसे AIIMS ने झुठला दिया अब सरकार ने इस मामले पर चलाये गए खबर को फेक न्यूज़ करार दे दिया है।

छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक तबलीगी जमात का नाबालिग कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद AIIMS रायपुर में भर्ती कराया गया। एम्स के दौरे पर गए रायपुर सांसद सुनील सोनी ने वहां से बाहर आकर ANI और अन्य मीडिया को बताया कि तबलीगी जमात का एम्स में भर्ती मरीज डॉक्टर्स के साथ सहयोग नहीं कर रहा है, वह डॉक्टर्स को परेशान कर रहा है। इसके बाद एक मीडिया ने इस खबर में तड़का लगाकर यह भी बता दिया कि मरीज डॉक्टर्स पर थूक रहा है, भाग रहा है वगैरह। लेकिन AIIMS ने सांसद के इस बयान का खंडन करए हुए ट्वीट किया कि नाबालिग युवक चिकित्सकों के साथ शुरू से सहयोग कर रहा है। उसने कभी किसी तरह का असहयोग नहीं किया।

सोशल मीडिया में इस बात को लेकर बात शुरू हो गयी है कि इस फेक न्यूज़ का जिम्मेदार मीडिया है या सांसद। यदि सांसद ने गलत कहा है तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए ? छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग ने मीडिया के इस खबर को फेक न्यूज़ करार दिया है।

