प्रतापपुर मुनादी ।।
एक महिला हेडमास्टर को मध्यान्ह भोजन का सूखा राशन स्वयं बांटने की बजाए स्वीपर से बंटवाना महंगा पड़ गया और इसे घोर लापरवाही मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर ने निलंबित कर दिया है।गौरतलब है कि कोरोना में लॉक डाउन को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्यान्ह भोजन बन्द होने के कारण इसका सूखा राशन प्रत्येक बच्चे के घर तक पहुंचवाने का निर्णय लिया था और इसकी पूरी जवाबदारी स्कूलों के प्रधानपाठकों को दी थी।
प्रतापपुर विकासखण्ड के बंशीपुर स्थित प्राथमिक शाला धूमाडांड की हेडमास्टर ने इस महत्वपूर्ण काम का का जिम्मा स्कूल के स्वीपर को दे दिया,हालांकि स्वीपर ने राशन बांट दिया लेकिन हेडमास्टर इस दौरान अपने घर पर ही रही जबकि उन्हें स्वयं घर घर जाकर वितरण कराना था।शिकायत पर बीईओ जनार्दन सिंह ने जांच कर प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भेज दिया था जहां से उन्हें निलंबित कर दिया गया है।इसी तरह प्राथमिक शाला बोझा के हेडमास्टर रामप्रसाद मेहता को घुनी हुई दाल बांटना महंगा पड़ा और उनकी एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है।मिली जानकारी के अनुसार उक्त हेडमास्टर ने उच्च क्वालिटी की दाल की बजाए घुनी हुई दाल बच्चों को बांट दी थी,जब इसकी जानकारी बीईओ प्रतापपुर को मिली तो उन्होंने समूह के माध्यम से सबसे पहले बंटी हुई दाल वापस करवा बढ़िया रहर की दाल बंटवाई और मामले को लेकर जांच प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भेजा जहां से उनका एक वेतन वृद्धि रोकने का आदेश जारी किया गया है।उल्लेखनीय है कि प्रतापपुर ब्लॉक में कई गांवों से घटिया और कम दाल देने की शिकायत आई है जिनकी उच्च स्तरीय जांच हो की जा रही है।बीईओ जनार्दन सिंह ने एक चर्चा के दौरान कहा कि शासन के निर्देश के अनुसार उच्च क्वालिटी का चावल व दाल बांटी जानी है और इसकी सम्पूर्ण जवाबदारी स्कूलों के हेडमास्टरों की है लेकिन जिस तरह की शिकायतें आ रही हैं,उचित नहीं हैं।फिलहाल सभी गांवों में जांच चल रही है,जांच के उपरांत आगे की कार्यवाही की जाएगी।

