प्रतापपुर मुनादी ।। मुकेश गोयल की रिपोर्ट
सूरजपुर-बलरामपुर की सीमा को पूर्णतः सील करने की कोशिश में एक प्रसूता महिला की जान पर बन आई। प्रतापपुर-वाड्रफनगर की सीमा पर स्थित मोरन चौक में सड़क को जेसीबी से खोद डालने के बाद इंजानी की एक प्रसूता महिला को वाड्रफनगर से लेने गई एम्बुलेंस को खुदे हुए रोड से ही वापस वाड्रफनगर लौटना पड़ा। इस विकट परिस्थिति में परिजन गांव से एक वाहन को किराया में करते हुए बरतीकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक लेकर आये है, जहां उसका उपचार चल रहा है। लॉकडाउन के मद्देनजर इस प्रकार मुख्य मार्ग को ही खोद डालने से वाड्रफनगर के लगभग डेढ़ दर्जन गांव के ग्रामीण सीधे तौर पर प्रभावित हो गए है।

एक जिले से दूसरे जिले में हो रही आवाजाही को रोकने का प्रयास करने के साथ लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा है। इसी तारतम्य में आज प्रतापपुर व वाड्रफनगर जो कि सूरजपुर व बलरामपुर जिले का सीमावर्ती क्षेत्र है, यहां पर प्रशासन द्वारा अंदर की ओर जाने वाली सड़क की खुदाई करा दी। इस सीमावर्ती क्षेत्र में मोरन चौक पड़ता है, यह मार्ग अंतर्राज्यीय भी है। इस चौक से एक मार्ग वाड्रफनगर होते हुए बनारस की ओर जाता है जबकि दूसरा मार्ग बरतीकला होते हुए चलगली क्षेत्र की ओर जाता है। आज दोपहर के बाद चलगली की ओर जाने वाले मार्ग को जेसीबी मशीन से खोद दिया गया ताकि सूरजपुर जिले का प्रतापपुर क्षेत्र बलरामपुर जिले के इस हिस्से से पूरी तरह सील हो जाये। इस मार्ग से अंदर की ओर लगभग डेढ़ दर्जन ऐसे गांव पड़ते है जिनका मुख्यालय वाड्रफनगर पड़ता है, जो मार्ग के खोदे जाने से पूरी तरह अलग हो गए है। इधर इस चौक में खुदाई के बाद यहां से 12 किमी अंदर इंजानी गांव में अंकित पटेल की धर्मपत्नी को अचानक प्रसव पीड़ा होती है, जिसके लिए वाड्रफनगर से एम्बुलेंस बुलाया जाता है, लेकिन एम्बुलेंस को मोरन चौक से वापस लौट पड़ा। क्योंकि एंबुलेंस इस मार्ग में खोदे गए गढ्ढे के कारण आगे इंजानी नहीं जा पाती है।
अंकित पटेल ने बताया कि एम्बुलेंस चालक स्पष्ट तौर पर मना करते हुए वाड्रफनगर वापस चला गया। एम्बुलेंस के वापस जाने पर परिजन काफी परेशान हो गए। उन्होंने बामुश्किल इंजानी गांव से एक वाहन से प्रसूता को बरतीकला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया है। समाचार लिखे जाने तक परिजन यहां से उपचार के बाद वाड्रफनगर ले जाने के प्रयास में लगे हुए थे। प्रसूता के भाई शत्रुघन पटेल ने बताया कि इस प्रकार मार्ग में गढ्ढे खोद दिए जाने से इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ सकती है। इधर सड़क में गढ्ढा खोदे जाने से अलग हुए ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस पर आपत्ति उठा रहे है। ग्रामीणों के अनुसार यहां पर सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले रेवटी चौकी के अलावा वाड्रफनगर क्षेत्र की पुलिस बैरियर लगाकर रात दिन गश्ती में है। इतनी कड़ाई के बाद इस प्रकार सड़क खोदे जाने का कोई औचित्य ही नहीं था। इस सड़क के खोदे जाने से वाड्रफनगर के डेढ़ दर्जन गांव पूरी तरह से कट गए है। ऐसे में किसी आकस्मिक जरूरत पर ग्रामीणों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है। इसके अलावा मुख्य मार्ग से गोवर्धनपुर की ओर जाने की सड़क को भी आज जेसीबी से खोद दिया गया है, जिससे इस मार्ग के अंदर के कई गांव को जोड़ने वाली सड़क का संपर्क टूट गया है। यह सराहनीय तथ्य है कि लॉक डाउन को सफल बनाने के लिए प्रशासन के द्वारा कोई कोर कसर नही छोड़ रही है। लेकिन जाने-अनजाने में इस तरह की कोशिश जमीनी तौर पर लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन सकती है। जिसको लेकर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

